MP News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मधुमक्खियों का हमला: शिवपुरी में 12 से ज्यादा लोग घायल
MP News: शिवपुरी जिले में स्थित माधव नेशनल पार्क में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर शनिवार दोपहर को मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस घटना में 12 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें मधुमक्खियों ने काट लिया।
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सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से सभी को जैसे-तैसे सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस अप्रत्याशित हमले के कारण मंत्री सिंधिया को अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया यहां चांदपाठा झील के पानी पर ड्रेजिंग मशीन के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान, कुछ देर बाद यह हादसा हुआ, जब कई लोग मधुमक्खियों के हमले का शिकार हुए। घटना के बाद अधिकारियों ने कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोक दिया। हालांकि, बाद में मंत्री ने अपने अन्य कार्यक्रमों के बाद पुनः चांदपाठा झील पहुंचे और ड्रेजिंग मशीन का उद्घाटन किया।
घटना शनिवार, 30 नवंबर को दोपहर 3.30 बजे के आस-पास हुई। चांदपाठा झील (जो रामसर साइट के तहत आती है) के पानी पर बने प्लेटफॉर्म पर सेलिंग क्लब में केंद्रीय मंत्री सिंधिया और उनके साथ कुछ ही लोगों को जाने की अनुमति थी। बाकी सभी मेहमानों को ऊपर ही रुकने के लिए कहा गया था। कार्यक्रम में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा के अन्य नेता भी उपस्थित थे।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के उद्देश्य से ड्रोन का उपयोग किया जा रहा था, जो घटना का कारण बन सकता है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्रोन की आवाज और हवा से मधुमक्खियों का शोर और उत्तेजना बढ़ गई, जिसके चलते वे हमलावर हो गए। हालांकि, इस कारण की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
माधव नेशनल पार्क के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (CCF) उत्तम शर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मधुमक्खियों ने कुछ लोगों को काट लिया था, जिससे कार्यक्रम में कुछ देर का व्यवधान आया। बावजूद इसके, केंद्रीय मंत्री सिंधिया बाद में अपने अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद पुनः चांदपाठा झील पहुंचे और वहां ड्रेजिंग मशीन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, उन्होंने झील से जलकुंभी हटाने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया।

हालांकि यह घटना अप्रत्याशित थी, लेकिन इसके बावजूद मंत्री सिंधिया ने अपने अन्य कार्यों को पूरा किया और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
चांदपाठा झील को मिली रामसर साइट का दर्जा:
रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद चांदपाठा झील की जैव विविधता और पर्यावरणीय संरक्षण को और अधिक महत्व मिला है। इस झील में हजारों की संख्या में मगरमच्छ रहते हैं, जो इसके पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इसके अलावा, इस झील को रामसर साइट का "ब्रांड एंबेसडर" घोषित किया गया था, जिससे इसके संरक्षण और प्रबंधन में और भी ताकत मिल रही है।
रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद, माधव नेशनल पार्क में एक नई पहल के रूप में 10 दिसंबर को एक नर और मादा बाघ को छोड़ा गया था, जिससे इस क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी जनसंख्या में वृद्धि की दिशा में एक नया कदम बढ़ाया गया। इसके अलावा, बाद में एक मादा बाघिन को भी यहां छोड़ा गया, जिससे इस इलाके में बाघों की संख्या और उनके संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव आया।
चांदपाठा झील में हुए इन सकारात्मक बदलावों का प्रभाव सिर्फ क्षेत्रीय पर्यावरण पर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों पर भी पड़ रहा है। खासतौर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चांदपाठा झील में दो बाघ शावकों के जन्म की खुशखबरी दी थी, जिससे इस स्थान की जैव विविधता और संरक्षण के प्रयासों को और अधिक बल मिला।












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