Bageshwardham: संतों की शरण में सरकार, सीएम शिवराज और मंत्रियों ने लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को बागेश्वरधाम पहुंचे थे। यहां उन्होंने पं. धीरेंद्र शास्त्री सहित संतों का आशीर्वाद लिया। आयोजित 121 कन्याओं के विवाह सम्मेलन में शामिल हुए।

Shivraj in Bageshwardham: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वरधाम मंदिर पहुंचे थे। यहां उन्होंने पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित मौजूद संतों से आशीर्वाद लिया। यहां देशभर से संत-महात्मा, साधु आए हुए हैं। सीएम के साथ करीब आधा दर्जन मंत्री भी पहुंचे थे। सीएम ने यहां आयोजित 121 कन्याओं के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहुंचकर कन्याओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान शिवराज ने जहां आयोजन का संबोधित करते हुए कहा कि सभी को अपना कर्म करना चाहिए तो पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हम किसी की पार्टी के नहीं है। हालांकि वे मंच से शिवराज की तारीफ करते नजर आए और अपने हिन्दू राष्ट्र निर्माण के अभियान की बात भी कही।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को छतरपुर के बागेश्वरधाम पहुंचे और यहां पर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आयोजित किए गए 121 कन्याओं के सामूहिक विवाह आयोजन में शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सभी को अपना कर्म करना चाहिए। किसान अन्न का उत्पादन करें। कर्मचारी ईमानदारी से लोगों के काम करें। डॉक्टर इलाज करें, नेता हैं तो हवाला-घोटाला, बेईमानी ना करें। ईमानदारी से जनता की सेवा करें। सीएम ने कहा कि मैं छोटे से गांव जैत में पैदा हुआ। पढ़ा सरकारी स्कूल में। बचपन में बेटा-बेटी के बीच भेद देखते आया हूं। कई बार तो बेटियों को कोख में मार दिया जाता था, जब मन में वेदना होती थी, सोचता था, वह दिन कब आएगा जब बेटा और बेटी बराबर माने जाएंगे।

सीएम बनते ही सबसे पहले कन्यादान योजना बनाई थी
सीएम ने कहा कि मैं जब विधायक बना तो पदयात्रा कर रहा था। एक गांव में गया तो बेटी की शादी थी। वह अनाथ थी। लोग बोले, विधायक हैं आप सरकारी सहायता दिलवा दीजिए। मैंने पूछा शादी कब है। वे बोले परसों है। मैं बोला, सरकारी सहायता में तो बरसों लग जाएंगे। क्या हम लोग एक बेटी की शादी खुद नहीं कर सकते। फिर अपने साथियों के साथ मिलकर उस बेटी की शादी की थी। सीएम बनते ही सबसे पहली योजना मैंने बनाई मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना।
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सरकार की ड्यूटी है बेटियों की शादी करें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की ड्यूटी है, धर्म है कि अगर माता-पिता अच्छे से नहीं सकते तो सरकार ये काम करें। इसलिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना बनी। मप्र की धरती पर कोई बिटिया पैदा होगी तो वह लखपति होगी। बोझ नहीं बनेगी, वरदान बनेगी। 44 लाख लाड़ली लक्ष्मी बेटिया आज मप्र की धरती पर हैं। इनकी शिक्षा-दीक्षा का काम सरकार करती है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को महाराजजी संबोधित करते हुए कहा कि आज महाशिवरात्रि है। शिव और शक्ति जब तक दोनों मिलकर सशक्त नहीं होते तब तक संस्कार का कल्याण नहीं होता। बहनें सशक्त तो प्रदेश और देश सशक्त। लाड़ली बहनाओं के लिए योजना लाए हैं। 1 हजार रुपए हर महीने दिए जाएंगे। वे बच्चों के लालन पालन, खाने-पीने में उपयोग कर सकती हैं।
121 जोड़े में 58 ऐसे जिनके माता-पिता नहीं है
बागेश्वरधाम में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह आयोजन में सबसे अहम बात यह रही कि कुल 121 नव दंपति में से 58 ऐसे हैं जिनके माता-पिता नहीं है। दो दिव्यांग वर वधु और 61 ऐसे भी हैं जिनका जीवन अभाव और आर्थिक तंगी में बीता है। बुंदेलखंड में संभवत: यह पहला अवसर है जब इतनी बड़ी संख्या में दिव्यांग और अनाथ कन्याओं के हाथ पीले कराए गए हैं।












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