'जूते पहनकर प्रवचन, पहली बार देखे...', हाथरस हादसे पर बोले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
Hathras Hadsa: उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे के जख्म अभी भर नहीं है। इस हादसे में सैकड़ो लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं अब हादसे को लेकर अलग-अलग तरह की बयानबाजी का सिलसिला भी जारी है, जहां अब धर्म और आध्यात्म से जुड़े लोग हादसे पर अपनी बात रख रहे हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाथरस में हुए हादसे पर अपनी बात रखी है, जिसमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ बातों का वर्णन करते हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों से बचने का संदेश दिया है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, हाथरस हादसे की जानकारी लगी, हम सत्य-असत्य नहीं जानते, लेकिन पहली बात, वह कोई परंपरा के साधु नहीं थे। दूसरी बात, हमें जो जानकारी लगी कि, वहां पर कुछ विचित्र स्थिति के कारण हादसा हुआ। तीसरी बात जूता पहनकर के प्रवचन हमने पहली बार देखा।
चौथी बात, बाबा या महात्मा वही है, जो अपनी रक्षा से ज्यादा अपने भक्तों की रक्षा करें। पांचवी बात, निश्चित रूप से कुछ ना कुछ तो रहा होगा, क-ख-ग नहीं बन पाया, तैयारी में सुनियोजित तरीके से कुछ नहीं हो पाया होगा। हम उसके लिए कुछ कह नहीं सकते। बस इतना कह सकते हैं, ऐसी जगह से बचें, ऐसी जगह पर काम जाएं, सावधानी पूर्वक जाएं, और अगर दूर से भी गुरु की दृष्टि पड़ जाए, तो उसमें भी यह माने की हमें गुरु का एहसास मिल गया है।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के दौरान भक्तरण मचाने से सैकड़ो लोगों की मौत हो गई। वहीं इस घटनाक्रम से यह देशभर में दुख व्याप्त है। इस घटनाक्रम के बाद अब अलग-अलग स्थान पर हो रही कथा और सत्संग को लेकर भी चिंता बढ़ गई है, जिसके बाद अब देशभर से अलग-अलग कथा वाचकों ने कथाओं पर विराम लगाने का फैसला लिया है, तो वहीं बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अपने जन्मदिन पर लोगों से धाम ना आने की अपील की थी.
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