ग्वालियर सहित मध्यप्रदेश के इन शहरों में प्रवाहित की गई अटल जी की अस्थियां
मध्यप्रदेश: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री व भारत अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां उनके पारंपरिक गृहक्षेत्र ग्वालियर सहित जबलपुर पहुंच गया है। अटल जी की अस्थि कलश लेकर पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा जबलपुर पहुंचे जहां कुछ देर रुकने के बाद अस्थि कलश रथ को कटनी होते हुए पन्ना के लिए रवाना कर दिया गया। अटल जी की अस्थियां कल केन नदी में विसर्जित की जाएंगी।

जबलपुर के सर्किट हाउस में उनकी अस्थि कलश आम लोगो के तथा पार्टी समर्थकों के लिए दर्शन हेतु रखा गया था। अंतिम अस्थि कलश यात्रा ने भाजपा के पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा सहित पूर्व मंत्री विजेंद्र प्रताप सिंह ,पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व सांसद जय श्री बेनर्जी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे। पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थि कलश लेकर जब पर्यटन मंत्री जबलपुर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में करीब 10 नदियों में अटल जी की अस्थि कलश को विसर्जित किया जाएगा।
साथ ही दूसरी ओर ग्वालियर के महाराज बाड़ा स्थित मुखर्जी भवन में अटल जी की अस्थियां आम शहर वासियों के दर्शनार्थ हेतु रखीं गई थी। आज उनकीअस्थियों को मुरैना के पास चंबल नदी में विसर्जित किया जाएगा। शुक्रवार की सुबह भारी हुजूम के साथ अस्थि कलश रथ मुखर्जी भवन से मुरैना के लिए रवाना हुआ। यहां केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सांसद और अटल जी के भांजे अनूप मिश्रा, कैबीनेट मंत्री जयभान सिंह पवैया सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्थि कलश यात्रा में शामिल हुए।
देशभर में अटल जी को लेकर हो रही राजनीति पर पर्यटन मंत्री ने कहा कि ये भाजपा की यात्रा नहीं है ये, सरकारी यात्रा है। ये समय कांग्रेस के बयानों को लेकर टिप्पणी करने का नहीं है। फिर भी इससे पहले स्व. इंदिरा गांधी जी, स्व. राजीव गांधी जी के भी समय इस तरह का कार्यक्रम किया गया था। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि स्व. अटल जी को लेकर अगर पार्टी के ऊपर सवाल उठाए जा रहे है तो गलत है। पूर्व प्रधानमंत्री सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के नेता थे। स्व. अटल जी चाहे विदेश मंत्री रहे हो या प्रधानमंत्री या फिर विपक्ष में वो एक कुशल संगठक थे। यही वजह है कि उनको सिर्फ पक्ष ही नही विपक्ष भी चाहता था।












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