'भाजपा के गढ़' महाकौशल में कहीं दिख नहीं रहा विकास, इन मुद्दों के सहारे कांग्रेस जीत सकती है चुनाव
जबलपुर। मध्य प्रदेश में 28 नवंबर 2018 को विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी ने तैयारियां पूरी कर ली है। मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से भाजपा की सरकार है जिसके मुखिया शिवराज सिंह चौहान है। शिवराज सिंह चौहान तीन बार से लगातार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते आ रहे हैं और अब चौथी बार वो मुख्यमंत्री बनने के लिए आतुर हैं। मध्य प्रदेश में महाकौशल भाजपा का गढ़ माना जाता है। इस बार महाकौशल के चुनावी मुद्दे भाजपा के लिए चुनौती भरे हैं। महाकौशल में 39 विधानसभा सीटें हैं जिसमे कांग्रेस के पास 11 और भाजपा के पास 28 सीटें हैं। इसी प्रकार महाकौशल में लोकसभा के 6 सीटों में से 01 कांग्रेस के पास और 05 भाजपा के पास हैं। 03 राज्यसभा सीटों में से 01 कांग्रेस के पास और 02 भाजपा के पास है।

कांग्रेस के चुनावी मुद्दे
आगामी महाकौशल के विधानसभा चुनाव में किसान, जीएसटी, पेट्रोल-डीजल, शिक्षा संस्थानों में भगवाकरण, बेरोजगारी, एससी-एसटी, दुष्कर्म, इत्यादि ये सभी चुनावी मुद्दे होंगे। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस अपना प्रचार करेगी व जीत दिलाने की अपील करेगी।

भाजपा का गढ़ होने के बाद भी लोगों की स्थिति दयनीय
महाकौशल आदिवासी बाहुल्य वाला इलाका है। यहां पर आदिवासियों की हालत बहुत ही दयनीय है। रोजगार के नाम पर बाहर भेजी गईं आदिवासी महिलाएं और नाबालिक बच्चियों का आज तक पता नहीं लग पाया है। महाकौशल में उद्योगों के नाम पर आज तक कोई भी बड़ा उद्योग नहीं लगा है। वर्ष 2013 में जबलपुर में इन्वेस्टर समिट में 60 हजार करोड़ के एमओयू साईन किए गए थे। लेकिन आज तक उसका प्रभाव नहीं दिख पाया है। आगामी विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों को लेकर महाकौशल में चुनाव लड़ा जाएगा।

जबलपुर पूर्व सीटों के हालात
जबलपुर जिले और संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें पाटन, बारगी, जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर, जबलपुर छावनी, जबलपुर पश्चिम, पनागर, सिहोरा शामिल हैं। इनमें सिहोरा अनुसूचित जनजाति और जबलपुर पूर्व अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। जबलपुर पूर्व सीट पर बहरहाल भाजपा का कब्जा है और यहां से अंचल सोनकर विधायक हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस ने तमाम मसलों को लेकर भाजपा विधायक अंचल सोनकर को जमकर घेरा था। मध्य प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष लखन घनघोरिया ने भाजपा के राज में बढ़ रहे अपराध को लेकर अंचल सोनकर घेरा था। साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। हालांकि अंचल सोनकर कांग्रेस के मशाल जुलूस को गुंडों का जुलूस बता रहे थे। बता दें कि 2013 विधानसभा चुनाव से पहले जबलपुर पूर्व सीट पर कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन पिछले चुनाव ने भाजपा ने स्थिति बदल दी।

जबलपुर उत्तर सीटों के हालात
जबलपुर उत्तर से भाजपा के शरद जैन विधायक हैं और अभी वह चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। बताया जा रहा है कि जबलपुर उत्तर से विधायक शरद जैन को स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा रहा है। पार्टी के कई नेता उनका बहिष्कार कर रहे हैं। देखना होगा कि आंतरिक कलह से भाजपा कैसे निपटती है। कहीं पार्टी नेताओं के आपसी झगड़े की वजह से कांग्रेस बाजी न मार ले जाए।












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