मऊगंज में रिश्वत लेते पकड़ा गया अकाउंटेंट, 5 लाख 90 हजार रुपए की रिश्वत ली, लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई
MP news: मऊगंज विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में पदस्थ एक अकाउंटेंट को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी अकाउंटेंट ने रिटायर्ड शिक्षक से उनकी एरियर्स और अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान करने के लिए 5 लाख 90 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
इसमें से 50 हजार रुपए कैश और 5 लाख 40 हजार रुपए का चेक शामिल था। लोकायुक्त की टीम ने बुधवार शाम करीब 5 बजे आरोपी राजाराम गुप्ता को मऊगंज कार्यालय में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

आरोपी का नाम और पदस्थापन
आरोपी का नाम राजाराम गुप्ता है, जो मऊगंज के बीईओ कार्यालय में अकाउंटेंट के पद पर तैनात है। इसके अलावा, वह मऊगंज स्थित सीएम राइज शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में भी बतौर बाबू कार्यरत है। इस प्रकार वह दो जगहों पर सरकारी पदों पर नियुक्त है और अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग कर रहा था।
रिटायर्ड शिक्षक से रिश्वत की मांग
रिटायर्ड शिक्षक राम निहोर साकेत ने रीवा के लोकायुक्त कार्यालय में आरोपी राजाराम गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी राम निहोर साकेत ने बताया कि उसने एरियर्स और अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान कराने के लिए कई बार गुप्ता से संपर्क किया, लेकिन उसने हर बार उसके पैसे का भुगतान करने के बदले रिश्वत की मांग की। आरोपी ने 12 लाख 70 हजार रुपए के एरियर्स और अर्जित अवकाश की राशि के भुगतान के बदले 6 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, जो 50 प्रतिशत राशि थी।
पहले भी लिया था रिश्वत
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि आरोपी ने पहले 30 हजार रुपए भी रिश्वत के रूप में लिए थे। इसके बाद शेष राशि का भुगतान करने के लिए राजाराम गुप्ता ने फरियादी से चेक और फोन-पे के माध्यम से 25 हजार और 5 हजार रुपए की राशि ले ली थी, लेकिन उसने पूरी राशि की मांग की थी। इसके बाद फरियादी ने लोकायुक्त में इसकी शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।
लोकायुक्त की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर बुधवार शाम को राजाराम गुप्ता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी से 5 लाख 90 हजार रुपए की रिश्वत की राशि बरामद की। इस दौरान लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
यह घटना सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है और यह सुनिश्चित करती है कि लोकायुक्त पुलिस ऐसी कार्रवाई करके भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। अब तक के सबूतों के आधार पर आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।












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