MP News: शिवपुरी में बड़ा हादसा, माता टीला डैम में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, सात लोग लापता, रेस्क्यू जारी
MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। माता टीला डैम में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से तीन महिलाओं और चार बच्चों समेत कुल सात लोग लापता हो गए।
हादसे के बाद से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से अब तक आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है।

होली की फाग खेलने टापू पर स्थित मंदिर जा रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, रजावन गांव के 15 लोग मंगलवार शाम करीब 4:45 बजे माता टीला डैम में नाव से डैम के बीच स्थित टापू पर जा रहे थे। इस टापू पर सिद्ध बाबा का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जहां हर साल होली के मौके पर फाग खेलने श्रद्धालु पहुंचते हैं। नाव अभी मंदिर तक पहुंच भी नहीं पाई थी कि तभी वह अचानक असंतुलित होकर डैम के गहरे पानी में पलट गई।
नाव पलटते ही सभी श्रद्धालु पानी में गिर गए। नाव में सवार महिलाएं और बच्चे खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते डूबने लगे।
स्थानीय ग्रामीणों ने बचाई आठ लोगों की जान
हादसे के तुरंत बाद डैम किनारे मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर दिया। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए नाव में सवार आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि तीन महिलाएं और चार बच्चे अभी भी लापता हैं। डूबे हुए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल होने से मौके पर मौजूद ग्रामीण और परिजन बेहद दुखी और चिंतित नजर आ रहे हैं।
प्रशासन का रेस्क्यू अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि नाव में पानी भरने के कारण यह हादसा हुआ। नाव ओवरलोड थी और डैम का पानी गहरा होने से नाव कुछ ही देर में डूब गई।
अंधेरा होने के बावजूद रेस्क्यू अभियान जारी है। प्रशासन ने मौके पर तीन स्टीमर और गोताखोरों की टीम को लगाया है, जो लापता लोगों की तलाश कर रही है। प्रशासन ने संभावना जताई है कि पानी का बहाव तेज और गहराई अधिक होने के कारण डूबे लोग अभी तक नहीं मिल सके हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद से रजावन गांव और आसपास के इलाकों में गम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि माता टीला डैम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। डैम में अक्सर नावों से लोग टापू पर स्थित मंदिर जाते हैं, लेकिन किसी भी नाव पर न तो लाइफ जैकेट की व्यवस्था है और न ही नावों की नियमित जांच होती है।
जांच के आदेश
प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। एसडीओपी शर्मा ने बताया कि नाव संचालक से भी पूछताछ की जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान के पूरा होने के बाद नाव संचालक और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
टापू पर बने मंदिर जा रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, रजावन गांव के करीब 15 लोग माता टीला डैम में नाव से डैम के बीच बने टापू पर स्थित सिद्ध बाबा मंदिर होली की फाग खेलने जा रहे थे। इसी दौरान नाव असंतुलित होकर डैम में पलट गई। हादसे के वक्त सभी लोग मंदिर जाने की जल्दी में थे और नाव क्षमता से ज्यादा भरी हुई थी।
कैसे हुआ हादसा? नाविक ने बताया
हादसे में सुरक्षित बचे नाविक प्रदीप लोधी ने बताया कि नाव में सबसे पहले एक महिला ने देखा कि पीछे की तरफ पानी भर रहा है। कुछ ही देर में नाव में पानी तेजी से भरने लगा और नाव असंतुलित होकर डूब गई। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। कई लोग खुद को संभाल नहीं सके और पानी में डूबने लगे।
नाव पलटने के बाद से अब तक इन सात लोगों का कोई पता नहीं चल सका है:
- शारदा पति इमरत लोधी (55)
- कुमकुम पिता अनूप लोधी (15)
- लीला पति रामनिवास लोधी (40)
- चाइना पिता लज्जाराम लोधी (14)
- कान्हा पिता कप्तान लोधी (07)
- रामदेवी पति भूरा लोधी (35)
- शिवा पिता भूरा लोधी (08)
- इन 8 लोगों को बचाया गया
- शिवराज पिता हरिराम लोधी (60)
- सावित्री पति अनूप लोधी (10)
- जानसन पिता अनूप लोधी (12)
- गुलाब पिता जगदीश लोधी (40)
- लीला पति सूरी सिंह लोधी (45)
- रामदेवी पति प्राण सिंह लोधी (50)
- उषा पति लाल सिंह लोधी (45)
प्रदीप लोधी पिता कृपाल लोधी (18) - नाविक
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
शिवपुरी एसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। जल्द से जल्द लापता लोगों को खोजने का हरसंभव प्रयास हो रहा है। डैम में पानी गहरा होने और अंधेरा होने की वजह से राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन ऑपरेशन जारी है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
हादसे के बाद से रजावन गांव में गम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डैम में नाव संचालन के दौरान किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण जैसे लाइफ जैकेट आदि नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग इस टापू पर पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं किए गए।












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