सागर: जिला अस्पताल में पद और पलंग दोनों खाली, कुछ डॉक्टर रिटायर्ड हो गए, कुछ अधिकारी बन गए
सागर, 19 जून। बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर पर जिला अस्पताल की हालत बेहद नाजुक है, कारण यहां सुसज्जित अस्पताल तो है, लेकिन यहां इलाज करने वाले डॉक्टर पर्याप्त नहीं है। यहां पदस्थ विशेषज्ञ डॉक्टर धीरे-धीरे रिटायर्ड होते गए और अस्पताल खाली हो गया। बीते एक साल में यहां के कुछ डॉक्टरों का प्रमोशन हुआ और वे अधिकारी बना दिए गए। शासन ने उनकी जगह दूसरे डॉक्टर भी नहीं दिए, जिस कारण अस्पताल के आधा दर्जन विभाग बंद होने की कगार पर आ गए हैं। कुछ में तो ताले पडे हैं।

सागर जिला अस्पताल भवन, वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी कॉम्प्लेक्स, लैब, एसएनसीयू, एचडीयू के मामले में किसी मेडिकल कॉलेज या कॉर्पोरेट अस्पताल से कमतर नजर नहीं आती है, लेकिन यहां मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता। कई मायनों में यह अस्पताल किसी प्रायमरी हेल्थ सेंटर के जैसा काम करती है। अब मरीजों का भी इस अस्पताल से मोहभंग हो गया है। जिस कारण अस्पताल के अधिकांश वार्ड सूने और खाली पडे नजर आते हैं। बता दें कि यहां पर विशेषज्ञों डॉक्टरों के 33 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से 24 पद खाली पडे हैं। बाकी 9 पदों पर जो डॉक्टर तैनात हैं, उनमें से कुछ के पास पर्याप्त विशेषज्ञता नहीं है तो कुछ उम्रदराज हो गए हैं।
विशेषज्ञों के अभाव में ये विभाग खाली
आपको जानकार हैरानी जरूर होगी, लेकिन यह सच है कि जिला अस्पताल में सर्जरी विभाग, नाक-कान-गला रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग ताले डल गए हैं। इन विभागों में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है, जबकि जिला अस्पताल में आपात चिकित्सा इकाई का काम नहीं विभागों के जिम्मे रहता है। मेडिसिन विभाग जहां मरीजों की सबसे ज्यादा भीड होती है, वह सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे चल रही है। गायनी विभाग में आधे से ज्यादा पद खाली पडे हैं।
हर साल करोडों रुपए का निर्माण, मरीज हैं नहीं
जिला अस्पताल में दस करोड़ रुपये की लागत से रिनोवेशन का काम चल रहा है, लेकिन यहां डाक्टर सहित अन्य खाली पदों को भरने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां हर साल करोडों रुपए के निर्माण, अस्पताल की इकाईयां, वार्ड तैयार किए जाते हैं, लेकिन मरीजों को पुख्ता इलाज मुहैया नहीं हो पाता। वर्तमान में जिला महिला अस्पताल डफरिन के एक्सटेंशन के लिए 100 बिस्तर का एक और नया अस्पताल बनाने की योजना के तहत काम चालू होने वाला है।
विशेषज्ञ डॉक्टर्स के 33 में से 24 पद खाली
विभाग - स्वीकृत पद - खाली
जरनल मेडिसिन विभाग - 4-3
ईएनटी विभाग - 2-2
जरनल सर्जरी विभाग - 2-2
ऑब्स एंड गायनी - 4-2
ऑर्थोपेडिक विभाग - 3-3
डेंटल विभाग - 1-1
एनेस्थीसिया विभाग - 3-3
पैथोलॉजी विभाग - 2-1
शिशुरोग विभाग - 7-5
ऑप्थेलमोलॉजी विभाग- 2 -1
रेडियोलाजी - 2-1
टीबी-चेस्ट विभाग - 1-0
शासन के सामने यह मामला रखेंगे
यह सही है कि जिला अस्पताल सहित जिले भर की अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं। जिला अस्पताल के कई विभागों में काफी समस्या उठाना पड रही है। इस मामले में शासन स्तर से पत्राचार तो करेंगे ही, वरिष्ठ अधिकारियों से रूबरू मिलकर विशेषज्ञ भेजने की मांग रखेंगे। इसके अलावा भी हम प्रयास कर रहे हैं कि मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों का लाभ मिल सके।
- डॉ डीके गोस्वामी, सीएमएचओ, सागर












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