12वीं के स्टूडेंट ने 1 नंबर बढ़वाने के लिए बोर्ड से 3 साल लड़ी 'जंग', फिर दूसरे तरीके से बढ़े 28 नंबर
सागर, 25 फरवरी। मध्य प्रदेश के सागर जिले के कक्षा 12वीं के एक छात्र द्वारा मार्कशीट में अंक बढ़वाने का अजीब मामला सामने आया है। इस छात्र ने मार्कशीट में सिर्फ एक अंक बढ़वाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल में आवेदन किया था। मंडल के इनकार करने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो एक बजाय 28 नंबर बढ़े। हालांकि इसके लिए छात्र को तीन साल तक कानूनी जंग लड़नी पड़ी।

मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले के परकोटा का है। शांतनु शुक्ला ने 12वीं कक्षा की पढ़ाई एक्सीलेंस स्कूल से की थी। साल 2018 में एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा में 74.8% अंक से पास की थी। इसके बाद शांतनु को अपने आप पर पूरा भरोसा था कि मास्क 75 से 80 % के बीच में आएंगे, लेकिन एक नंबर कमाने से वह 75 के पार नहीं जा सका और उसे सीएम की मेधावी योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया।
ऐसे में स्टूडेंट ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से लेकर हाईकोर्ट तीन साल की लड़ाई लड़ी। छात्र ने मार्क्स बढ़वाने को लेकर तीन साल तक लड़ाई लड़ी और हार नहीं माना। इसका परिणाम यह निकला कि उसको एक नंबर की जगह 28 नंबर बढ़कर मिले। छात्र ने तीन साल में करीब 40 से ज्यादा पेशियां की और पंद्रह हजार खर्च किए।
शांतनु के 28 नंबर पढ़ने से 81% अंक हो जाएंगे। इससे उसे अब मेधावी छात्र योजना का लाभ मिलेगा। शांतनु अब मुख्यमंत्री मेधावी योजना के लिए फॉर्म भरेंगे। इससे इन्हें लाभ मिलेगा। शांतनु के माता-पिता नहीं हैं। 2010 में पिता का देहांत हो गया था। वे चार बहनों के एकलौता भाई हैं।












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