'मातृभूमि योजना' के बारे में जानें क्या है यह, कैसे होगा इस योजना से गांव का विकास
'मातृभूमि योजना' के बारे में जानें क्या है यह, कैसे होगा इस योजना से गांव का विकास
लखनऊ, 11 नवंबर: गांवों में जन सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना को 'मातृभूमि योजना' नाम दिया गया है। इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति गांवों के विकास के लिए कोई प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है तो उसका 40 प्रतिशत खर्चा राज्य सरकार उठाएंगी। बुधावर को हुई कैबिनेट बैठक में सीएम योगी ने इस योजना पर अपनी मुहर लगाकर मंजूरी दे दी है।

आजतक की खबर के मुताबिक, 'मातृभूमि योजना' की घोषणा सीएम योगी ने सितंबर महीने में की थी। हालांकि, इस योजना को मंजूरी 10 नंबर को मिली है। बता दें, 'मातृभूमि योजना' में कोई भी व्यक्ति या निजी संस्था गांव में नाली, खड़ंजे, बिजली, पानी, सड़क, स्कूल आदि विकास कार्य अपनी धनराशि खर्च कर करा सकता है। विकास कार्यों की कुल लागत का 40 प्रतिशत खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। इस योजना के जरिए विदेश में रहने वाला शख्स भी अपने गांव के विकास में योगदान दे सकता है।
बता दें, प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का कॉर्पस फंड भी बनाएगी, ताकि भविष्य में अगर बजट की कमी आती है तो इस फंड से खर्च किया जा सके। तो वहीं, इस योजना को ठीक तरीके से लागू करने के लिए एक गवर्निंग काउंसिल भी बनाई गई है। इसके अध्यक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ होंगे और पंचायती राज मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे।
क्या है इस योजना का मकसद
इस योजना का मकसद गांव से निकलकर जो लोग अब देश के शहरों या विदेशों में बसे हुए हैं और वो अपने गांव के लिए कुछ करना चाहते हैं। ऐसे लोगों के लिए ये योजना एक मंच के तौर पर काम करेगी। इसलिए सरकार 'मातृभूमि योजना' लेकर आई है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्था किसी ग्राम पंचायत में विकास कार्य, अवस्थापना सुविधा का विकास एवं पंचायतीराज अधिनियम-1947 में प्रावधानित कार्यों को कराना करना चाहता है तो 40 फीसदी लागत सरकार देगी।
शिलालेख भी लगाया जाएगा
इस योजना के तहत उस व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह के परिवार के किसी बुजुर्ग, या अन्य किसी सदस्य के नाम का शिलालेख भी लगाया जाएगा। इसमें उपरोक्त विकास कार्य का उल्लेख भी किया जाएगा।












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