यूपी विधानसभा चुनाव 2022: अखिलेश ने बताया अपना प्लान, जानिए किन दलों से करेंगे गठबंधन?
लखनऊ, 15 जून: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। सूबे की सत्ता पर काबिज होने के लिए पार्टियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। अखिलेश यादव एक बार फिर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए हर संभव कोशिश में जुट गए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर एक खास प्लान बनाया है। 'इंडिया टुडे' से खास बातचीत में अखिलेश ने कहा कि सपा ने अब बड़े दलों की बजाए छोटे दलों के साथ गठबंधन करने की रणनीति अपनाई है।

छोटे दलों से साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने तय किया है कि छोटे दलों से साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश ने साफ तौर पर कहा कि समाजवादी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में किसी बड़े दल से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बसपा और कांग्रेस के साथ हमारा अनुभव बेहतर नहीं रहा, ऐसे में उन्होंने बड़े दल के साथ गठबंधन ना करने का फैसला किया है। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, ''मैं चाहता हूं प्रियंका यूपी में और भी एक्टिव रहें, अंत में जनता ही तय करेगी कि किस पर भरोसा किया जाए।''

क्या है अखिलेश यादव की रणनीति?
अखिलेश ने आगे कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी का जयंती चौधरी की राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी), संजय चौहान की जनवादी पार्टी और केशव मौर्य की महान दल से साथ गठबंधन हो चुका है। ये तीनों ही दलों का अपनी-अपनी जातीय के बीच सियासी आधार है। आरएलडी का पश्चिम यूपी के जाट समुदाय पर पकड़ मानी जाती है तो जनवादी पार्टी का पूर्वांचल के चौहान (लोनिया) समुदाय के बीच अच्छी खासी पैठ है। वहीं, महान दल का सियासी आधार रुहेलखंड के मौर्य, कुशवाहा और सैनी बिरादरी के बीच माना जाता है। माना जा रहा है अखिलेश यादव ने इन तीन दलों के साथ मिलकर उनके समुदाय को अपने पाले में लाने की कवायद की है।

योगी सरकार पर बोला हमला
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला करते हुए दावा किया कि राज्य के लोग राज्य सरकार से नाराज और निराश हैं। उन्होंने कहा, ''उत्तर प्रदेश के लोग इस सरकार के कुप्रबंधन और विफलता के कारण नाराज और निराश हैं।'' अखिलेश यादव ने कहा, ''कोविड की दूसरी लहर के दौरान हमने देखा कि कैसे लोग संघर्ष कर रहे थे और भगवान की दया पर छोड़ दिया। वे अपने दम पर थे और उन्हें बिस्तर, ऑक्सीजन और इलाज की व्यवस्था खुद करनी पड़ी। सपा सरकार द्वारा बनाए गए बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कोविड के दौरान किया गया था।''












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