UPTET 2021 : कैसे लीक हुआ पेपर, कहां रची गई साजिश, कौन है मास्टरमाइंड? जानिए सब कुछ
लखनऊ, 02 दिसंबर: यूपीटीईटी 2021 का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। परीक्षा रद्द होने से 21 लाख अभ्यर्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। इस मामले में यूपी एसटीएफ की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले में पेपर छापने का टेंडर हासिल करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व के डायरेक्टर अनूप प्रसाद राय और इस परीक्षा को आयोजित कराने वाले परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय समेत अबतक 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों को जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। OneIndia Hindi आपको इस केस से जुड़ी अब तक की जांच के आधार पर बता रहा है कि आखिर पेपर कहां छपने गया, कहां से लीक हुआ और इस पूरे मामले की साजिश कहां रची गई।

28 नवंबर को होनी थी UPTET 2021 की परीक्षा, हुई रद्द
यूपीटीईटी परीक्षा 28 नवंबर को दो पालियों में होनी थी। परीक्षा में 21 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 13.52 लाख और टीईटी उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 8.93 लाख परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। पेपर वाले दिन यानि 28 नवंबर की सुबह पेपर लीक होने की जानकारी के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

अब तक 34 लोगों की गिरफ्तारी
इस पूरे मामले में पेपर छापने का टेंडर हासिल करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व के डायरेक्टर अनूप प्रसाद राय और इस परीक्षा को आयोजित कराने वाले परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय समेत अबतक 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है।

26 अक्टूबर को हुई साजिश की शुरुआत
यूपीटीईटी पेपर लीक मामले में अबतक की जांच से साफ है कि साजिश की शुरुआत 26 अक्टूबर को पर्चा छपने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय ने खुद यह बात एसटीएफ के अफसरों के सामने स्वीकार की है।

किस कंपनी को दिया गया पेपर प्रिंट कराने का ठेका ?
साजिश के तहत 26 अक्टूबर को आरएसएम फिनसर्व नाम की कंपनी को पेपर प्रिंट कराने का ठेका दिया गया था। जांच में ये बात सामने आई है कि इस कंपनी के पास सुरक्षित तरीके से पेपर छापने का कोई इंतजाम नहीं था। ये बात साजिश रचने वालों को पहले से पता थी। पेपर लीक कराने वाले सिंडिकेट से जुड़े लोग ऐसी छोटी, असुरक्षित प्रिंटिंग प्रेसों पर मौजूद थे।

UPTET Paper Leak कैसे हुआ ?
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, यूपीटीईटी परीक्षा का पेपर इन प्रेसों में छपा और यहीं से दलालों के पास पहुंच गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के प्रमुख गिरोहों ने इन लोगों से संपर्क साधा और परीक्षा से पहले पेपर लीक कर दिया। बताया जा रहा है कि पेपर कई घंटे पहले ही उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हजारों लोगों के पास पहुंच गया। यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश का भी कहना है कि अबतक की जांच में प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक होने की पुष्टि हो रही है।

UPTET पेपर लीक मामले का कौन है मास्टरमाइंड ?
सूत्र बताते हैं कि पेपर छापने का ठेका मिलने से पहले ही संजय उपाध्याय और राय अनूप प्रसाद की एक मीटिंग नोएडा के एक फाइव स्टार होटल में हुई थी। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में ही पेपर आउट कराने की साजिश रची गई थी। सूत्रों के मुताबिक, होटल में दोनों की मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज भी जांच एजेंसियों को मिल गया है।












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