दादरी कांड- पुलिस ने अखलाक के परिवार के खिलाफ FIR दर्ज करने से किया इनकार
दादरी। दादरी में गोमांस के विवाद में अखलाक की हत्या के मामले में यूपी पुलिस ने अखलाक के परिवार वालों के खिलाफ एफआईआर करने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई भी सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि गो हत्या के लिए अखलाक का परिवार जिम्मेदार था।
दादरी कांड- अखलाक के परिवार के खिलाफ गांव वाले, अखिलेश ने किया बचाव

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखलाक की हत्या के बाद बड़ा भूचाल आया था और इस मुद्दे ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को खराब किया था। पिछले साल हुए इस कांड के बाद जब मथुरा की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट सामने आयी तो इस विवाद में एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है।
भारत के कई ऐसे राज्य हैं जहां गो हत्या पर पाबंदी है। लेकिन यूपी पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई भी सबूत सामने आया है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि गो हत्या के लिए अखलाक का परिवार जिम्मेदार हो। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लोग अखलाक के परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अखलाक के घर के भीतर से गोमांस मिलने का कोई साक्ष्य नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जो मांस पाया गया था वह बाहर कूड़े में पड़ा था। पिछले वर्ष सितंबर माह में अखलाक के घर में कुछ लोगों ने हमला बोल दिया था और उनके घर में गोमांस होने के शक के चलते भीड़ ने उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।
खबरों की मानें तो मांस अखलाक के घर के फ्रिज में था। लेकिन जांच के बाद यह बात सामने आयी कि यह घर के बाहर कूड़े से मिला था और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। शुरुआती वेटनरी जांच में यह बात सामने आयी थी कि यह मांस बकरे का मांस था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर कोई एफआईआर दर्ज होगी तो वह अज्ञात लोगों के खिलाफ होगी। जो लोग गोहत्या में शामिल हैं उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को देखने की जरूरत है। फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद अखलाक की हत्या में पकड़े गये संदिग्धों ने अखलाक के परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है साथ ही उन्हें दिये गये मुआवजे को वापस लिये जाने की भी बात कही है।












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