लखीमपुर खीरी कांड पर हो रही सियासत पर बोले सिद्धार्थ नाथ सिंह, राजनीतिक पर्यटन पर निकला है विपक्ष
लखनऊ, 04 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने विपक्ष पर चुनावों को देखते हुए लखीमपुर खीरी की घटना का उपयोग राजनीतिक पर्यटन और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के लिए करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मामले की गहराई से जांच हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी। बता दें, लखीमपुर खीरी में रविवार को हुए बवाल में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। प्रियंका गांधी वाड्रा को लखीमपुर जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

प्रियंका कर रही जांच में बाधा डालने का प्रयास : सिद्धार्थ नाथ सिंह
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अपनी राय रखने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर वे (विपक्ष) लाशों को लेकर 2022 के चुनाव तक अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं, तो ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा, हमने प्रियंका गांधी वाड्रा को पहले राजनीतिक पर्यटन करते देखा है। यह जांच में बाधा डालने और जनता की राय में हेरफेर करने का प्रयास है। ऐसा नहीं होना चाहिए। जांच का नतीजा आने के बाद उन्हें कम से कम 24 घंटे इंतजार करना चाहिए या दौरा करना चाहिए।
क्या है लखीमपुर कांड की पूरी कहानी ?
दरअसल, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को 3 अक्टूबर (रविवार) को लखीमपुर खीरी में आयोजित कुश्ती कार्यक्रम में आना था। उनके पहुंचने से पहले किसान, कृषि कानून के विरोध में काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। इससे बाद गुस्साए किसानों ने दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे मामले में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। इसमें किसान, बीजेपी कार्यकर्ता और एक पत्रकार भी शामिल हैं।












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