कोटा छात्रों के बस किराए पर डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा का कांग्रेस पर हमला, कहा- श्रमिकों से माफी मांगनी चाहिए
लखनऊ। प्रवासी श्रमिकों को लेकर जारी बस पॉलिटिक्स पर यूपी सरकार और राजस्थान सरकार आमने-सामने आ गई है। शुक्रवार को यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संवेदनाएं सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने का हथकंडा है। कांग्रेस का दोहरा चरित्र बेनकाब हो गया है। बसों की राजनीति शर्मनाक है। कांग्रेस को देश से और श्रमिकों से माफी मांगनी चाहिए।

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि बसों से बच्चों को भेजने का किराया भी राजस्थान सरकार वसूल रही है। राजस्थान सरकार ने 36 लाख 36 हजार 664 रुपए का बिल का भुगतान करने के लिए रिमाइंडर भेजा है, जबकि सरकार ने बार्डर तक बच्चों को छुड़वाने की पेशकश की थी। बच्चों को भेजने के एवज में बिल भेज रही है। दूसरी तरफ श्रमिकों को भेजने के लिए बसें भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। ऐसा कृत्य पूरी तरह अक्षम्य है। कांग्रेस श्रमिकों को भेजने के लिए बसों को 12 घंटे के लिए कहकर लाई थी। ड्राइवरों को खाना तक नहीं दिया। क्या हम ऐसी बसों में श्रमिकों को भेजते, जिस बस के ड्राइवर को खाना तक नसीब नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के कोटा से बच्चों को लाने के लिए प्रदेश सरकार ने 560 बसें भेजी थीं। हमारी बसों में डीजल की कमी हुई तो राजस्थान के पम्पों पर भराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग अनर्गल प्रचार कर गलत साक्ष्य दिखा रहे हैं। यह मिथ्या वर्णन कर गुमराह करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि रोज एक शिगूफा छोड़कर राजनीति कर रहे हैं। आज भी राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र में हजारों श्रमिक पैदल घूम रहे हैं। राजस्थान सरकार में कोई मानवीय संवेदना नहीं है। डॉ. शर्मा ने बताया कि 10 लाख ट्रेन से 7 लाख बसों से यूपी के प्रवासी वापस आए हैं।












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