यूपी पुलिस का एक और कारनामा, नाबालिग को गंभीर आरोप में भेज दिया जेल, मां बोली- डिप्रेशन में है बेटा
लखनऊ। एक तरफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ पुलिसकर्मियों को लगातार व्यवहार अच्छा करने की बात कर रहे हैं। वहीं, उनके सिपाही वर्दी को लगातार शर्मसार कर रहे हैं। ताजा मामला लखनऊ के मड़ियांव इलाके का है। यहां एक बर्खास्त सिपाही की करतूत के चलते थाना प्रभारी ने एक नाबालिग बच्चे को गंभीर धाराओं के तहत उसे जेल भेज दिया। जेल से छूटा बच्चा काफी दहशत में है। उसका भविष्य शुरू होने से पहले पुलिस ने उसके भविष्य को फर्जी केस में चौपट कर दिया। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने के लिए एसएसपी की चौखट पर पहुंचा।

पीड़ित परिवार की इस गंभीर समस्या को देखते हुए जांच के आदेश दिए। एसएसपी लखनऊ को दिए गए प्रार्थना पत्र में पुष्पा गुप्ता पत्नी रामनरेश गुप्ता ने कहा है कि मेरे पुत्र प्रिंस (13) को मेरे पड़ोस में रहने वाले नीरज मिश्रा के बेटे से 4 महीने पहले बच्चों में थोड़ा सा मनमुटाव हो गया था। नीरज मिश्रा पुलिस विभाग से बर्खास्त सिपाही है। इसको पुलिस के सारे कानून मालूम हैं। इसने मेरे पुत्र को धारा 377 जैसी गंभीर धारा में फंसाकर जेल करा दी। जिसमें हमारे नाबालिग पुत्र का जीवन शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया।
उन्होंने कहा कि मेरा बेटा कारागार से 15 दिन रहकर वापस आया है। वह मुझसे और पिता से पूछ रहा है, 'पापा मुझे जेल क्यों भेजा गया'। जिस कारण प्रिंस पूरी तरह से डिप्रेशन में है और नीरज मिश्रा मेरे पूरे परिवार को लगातार धमकी दे रहा है। जिससे मेरा बेटा और परिवार बहुत डरा हुआ है। वह मुझे और मेरे नाबालिग को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इसलिए बच्चे और परिवार की जान की सुरक्षा की जाए। एसएसपी ने पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।












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