दादरी में धारा 144 लागू, फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद बढ़ा तनाव
दादरी। गोमांस की अफवाह के चलते जिस तरह से दादरी में अखलाक की हत्या की गयी उसने देशभर की राजनीति में तूफान ला दिया था। अखलाक की हत्या के नौ महीने बाद फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद एक बार फिर से गांव के लोग अखलाक के परिवार वालों के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज किये जाने की मांग करने लगे है।
दादरी कांड- अखलाक के परिवार के खिलाफ गांव वाले, अखिलेश ने किया बचाव

अखलाक के परिवार के खिलाफ गोहत्या का मामला दर्ज करने के लिए महापंचायत बुलायी गयी है। जिसके चलते इलाके में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है, जिसके चलते दादरी में धारा 144 को लागू कर दिया गया है। धारा 144 लागू होने के बाद अब यहां लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।
स्थानीय भाजपा नेता संजय राणा ने भी कहा है कि महापंचायत होनी चाहिए। आपको बता दें कि संजय राणा के बेटे विशाल राणा भी अकलाख की हत्या के मामले में आरोपी हैं। पिछले वर्ष सितंबर माह में भीड़ ने अखलाक को उसके घर से निकालकर मौत के घाट उतार दिया था। पिछले हफ्ते फोरेंसिक लैब से इस बात की पुष्टि हुई है कि जो मांस पाया गया था वह गाय का ही था। जिसके बाद इस मामले में एक बार फिर से विवाद शुरु हो गया है।
दादरी कांड- पुलिस ने अखलाक के परिवार के खिलाफ FIR दर्ज करने से किया इनकार
हालांकि पहले जब स्थानीय वेटेनरी अस्पताल में इस मांस की जांच करायी गयी थी तो इसे मटन का गोश्त बताया गया था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सैंपल पर ही सवाल खड़े कर दिये थे। उन्होंने कहा था कि सवाल यह है कि यह सैंपल कहां से लिया गया है।
बिसाड़ा गांव में 400 हिंदू परिवार रहते हैं जबकि सिर्फ 25 मुस्लिम ही यहां रहते हैं। यहां के लोग मांग कर रहे हैं कि अखलाक परिवार के खिलाफ गो हत्या का मामला दर्ज करके जांच की जानी चाहिए। यूपी में गोहत्या पर पाबंदी हैं लेकिन गोमांस रखने पर कोई पाबंदी नहीं है।
गौरतलब है कि दादरी में मंदिर के लाउडस्पीकर से इस बात की घोषणा की गयी थी कि अखलाक ने गोहत्या की है और उसकी पत्नी गोमांस बना रही है। जिसके बाद एकदम से भीड़ जमा हुई देखते ही देखते अखलाख को मौत के घाट उतार दिया गया था।












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