40 रुपए की पेंशन के लिए 40 साल तक सेना के जवान को लड़ना पड़ा
लखनऊ। देश की सेवा में अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले जवानों को जब अपनी पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़े तो इससे बड़ा देश का दुर्भाग्य क्या हो सकता है। लखनऊ में एक सेना के सेवानिवृत्त जवान को हर महीने सिर्फ 40 रुपए पेंशन मिलती है और इस 40 रुपए को भी पाने के लिए उसे 40 साल लड़ना पड़ता है।
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40 साल के संघर्ष के बाद आखिरकार आर्मी ट्रिब्युनल ने जवान के पक्ष में फैसला सुनाया और उसकी जीत हुई। ऑर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्युनल के दो जजों की बेंच जस्टिस वीके सिंह और लेफ्टिनेंट ग्यान भूषण ने रक्षा मंत्रालय को सिपाही सुनहरी लाल को उसकी पेंशन देने का ऐलान किया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह काफी जटिल केस हैं जिसमें सुनहरी लाल को सिर्फ कुछ पैसे ही मिलेंगे।
याचिकाकर्ता की गिरती सेहत और उम्र को देखते हुए उसे जल्द से जल्द राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इश केस के इतना लंबा खिंचने में याचिकाकर्ता की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने सुनहरी लाल को मुआवजा सहित मुकदमा लड़ने में खर्च हुई राशि का भी भुगतान करने का आदेश दिया है।












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