UP Panchayat Elections के लिए जारी हुई आरक्षण अधिसूचना, पिछले पांच सालों का देखा जाएगा रिकॉर्ड
UP Panchayat Elections 2021, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 को लेकर पंचायती राज विभाग ने गुरुवार को आरक्षण अधिसूचना जारी कर दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने अधिसूचना जारी होने की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार पंचायत चुनावों में रोटेशन लागू किया जाएगा। इसके लिए पिछले पांच चुनावों में हुए आरक्षण का रिकॉर्ड देखा जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि 826 ब्लॉक, 58194 ग्राम पंचायतों में वॉर्डों की संख्या का गठन हो चुका है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश की योगी सरकार को आदेश देते हुए कहा था कि 17 मार्च तक पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों का निर्धारण और 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव सम्पन्न कराए जाएं। ताकि 15 मई तक सभी पंचायतों का गठन किया जा सके।
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अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा, एससी, ओबीसी और महिला के क्रम में पिछले निर्वाचन को देखते हुए गांव का आरक्षण होगा। वहीं, जो पद पहले आरक्षित नहीं था, उन्हें वरीयता दी जाएगी। साथ ही कहा कि, पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी थीं जो आज तक शेड्यूल कास्ट और ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुईं हैं। वहीं, 7 ऐसी जिला पंचायतें हैं, जो महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि चुनाव में शिक्षा आड़े नहीं आएगी। पूर्व की तरह ही पंचायती चुनाव कराएं जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के पदों का आरक्षण ज़ारी किया जाएगा। इसके अलावा जिले स्तर पर ग्राम पंचायतों का आरक्षण ज़ारी किया जाएगा।
सिंह ने यूपी पंचायत चुनाव 2021 को लेकर कई अहम जानकारी मीडिया को दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि पिछले पांच चुनावों के वह पद किसके लिए आरक्षित था उसका संज्ञान लिया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर क्षेत्र पंचायत के सदस्य ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है। इस शासनादेश में उनके आरक्षण आवंटन की व्यवस्था घोषित की गई है। कहा, जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वे अनारक्षित व ओबीसी हो सकते हैं।
सिंह ने कहा कि ऐसा कोई भी पद जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित नहीं हुआ, वह शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित हो सकता है। ऐसे ही जिला पंचायत का कोई अध्यक्ष पद नहीं आरक्षित रहा है, तो वह आरक्षित हो सकता है। कोई ऐसा पद जो ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है वह ओबीसी के लिए आरक्षित होगा, इसी तरह कोई पद महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुआ तो इस बार हो सकता है।












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