धर्मांतरण मामला: सीएम योगी ने दोषियों पर NSA लगाने के दिए निर्देश, कहा- संपत्ति भी होगी जब्त
धर्मांतरण मामला: सीएम योगी ने दोषियों पर NSA लगाने के दिए निर्देश, कहा- संपत्ति भी होगी जब्त
लखनऊ, जून 22: उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में धर्मांतरण का खुलासा होने के बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जांच एजेंसियों को धर्मांतरण मामले की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए है। इतना ही नहीं, सीएम योगी ने आदेश दिया है कि जो लोग इस मामले में शामिल हैं उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही उनकी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए।
Recommended Video

दरअसल, सोमवार 21 जून को नोएडा में धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी में दो मौलानाओं को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। इन मौलानाओं के नाम मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी है। खास बात ये है कि उमर गौतम ने खुद लगभग 35 साल पहले 20 साल की उम्र में धर्मांतरण कर हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम धर्म अपनाया था। इसके बाद से वो दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इस्लामिक दावा सेंटर चला रहा था। यूपी के एडीजी प्रशांत कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि गौतम धर्म बदलकर मुस्लिम बना था।
गिरफ्तारी के बाद ये भी बात सामने आई है कि धर्म परिवर्तन का ये काम संगठित तौर पर देश विरोधी, असामाजिक तत्वों, धार्मिक संगठन अथवा सिंडिकेट, आईएसआई व विदेशी संस्थाओं के निर्देश व उनसे प्राप्त फंडिग के जरिए किया जा रहा है। एडीजी प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी दोनों दिल्ली के जामिया नगर के निवासी हैं। बताया कि दोनों पर यूपी और अन्य राज्यों में भी धर्मांतरण कराने का आरोप है। लोग गरीब हिंदुओं को निशाना बनाते थे और अब तक एक हजार से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कर चुके हैं। ये दोनों मौलाना ज्यादा मूक बधिर और महिलाओं का धर्म परिवर्तन करवाते थे।
प्रशांत कुमार ने बताया कि इन दोनों ने बाकायदा ऑफिस खोल रखा था। उसके ऑफिस का नाम Islamic Dawah Center है और पता- C 2, जोगाबाई एक्सटेंशन, जामिया नगर, नई दिल्ली है। ये लोग धर्मांतरण से सम्बंधित प्रमाण पत्र और विवाह के प्रमाण पत्र भी गैर कानूनी रूप से तैयार करवाते थे। पुलिस को जांच में पता चला है कि इन लोगों के द्वारा नोएडा डेफ सोसायटी, नोएडा सेंटर, सेक्टर 117, में जो मूक-बधिरों का रेजिडेंशियल स्कूल है वहां व कुछ अन्य स्कूलों के गरीब छात्रों को नौकरी, शादी और पैसे जैसी चीजों का लालच देकर धर्मांतरण कराया जाता है। हालांकि इसके बारे में ऐसे बच्चों के माता-पिता को कुछ नहीं पता है।












Click it and Unblock the Notifications