Rajesh singh chauhan : कौन हैं राजेश सिंह चौहान, जो बने BKU के नए अध्यक्ष
लखनऊ, 16 मई: चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू में बगावत हो गई है। शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे पदाधिकारियों और उनके समर्थकों ने रविवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के गठन की घोषणा कर दी है। संगठन का संरक्षक गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह और अध्यक्ष राजेश चौहान को बनाया गया है। आइए जानते हैं कौन हैं राजेश सिंह चौहान, जिन्हें भाकियू (अराजनैतिक) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
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1990 में भारतीय किसान यूनियन से जुड़े थे राजेश सिंह
राजेश सिंह चौहान का जन्म फतेहपुर जिले के हथगाम ब्लाक के सिठौरा गांव में हुआ था। शहर के आदर्श नगर मोहल्ले में रहने वाले किसान नेता किसान समस्याओं को लेकर धरना और पंचायतें करने को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं। राजेश सिंह वर्ष 1990 में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) से जुड़कर जिलाध्यक्ष बने। साल 2000 में प्रयागराज मंडल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।

जिलाध्यक्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सफर
राजेश सिंह चौहान ने 32 साल भाकियू में रहकर किसानों के बीच एक संघर्षशील किसान नेता के रूप में पहचान बनाई। राजेश सिंह चौहान का समर्थन पाने के लिए चुनावों के दौरान होड़ रहती है। संगठन में जिलाध्यक्ष पद से शुरुआत करने वाले किसान नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर समर्थक खुशी से झूम उठे हैं। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम ने बताया कि गन्ना संस्थान लखनऊ में प्रदेश भर से आए किसान नेताओं की मौजूदगी में राजेश सिंह चौहान को अध्यक्ष चुना गया है।

राजेश सिंह चौहान को भाकियू (अराजनैतिक) का नया अध्यक्ष बनाया गया
राजेश सिंह चौहान को भाकियू (अराजनैतिक) का नया अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष बनते ही राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि नरेश टिकैत और राकेश टिकैत राजनीति करने वाले लोग हैं। विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक दल का प्रचार करने के लिए कहा था।












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