प्रियंका के इस बयान से धुल गई उनकी सारी मेहनत

कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी वाड्रा ने फिलहाल राजनीति में आने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए आज कहा कि उन्हें नहीं लगता कि लोकसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलेगा।
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संवाददाताओं से बातचीत में इस सवाल पर कि इस चुनाव में क्या किसी दल को स्पष्ट बहुमत मिलेगा, प्रियंका ने कहा, मुक्षे नहीं लगता कि किसी दल को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। उन्होंने राजनीति में आने की सम्भावना संबंधी सवाल पर कहा, मेरा फिलहाल राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है।
मेरे बच्चे छोटे हैं। मेरी मंशा है कि बच्चों के थोड़ा बड़े होने तक मैं उनकी देखभाल करूं, क्योंकि हमने बचपन में दादी और पिता को खोकर उस पीड़ा का एहसास किया था, इसलिये मैं अपने बच्चों को मां को भरपूर प्यार देना चाहती हूं।
इस सवाल पर कि क्या हम उम्मीद करें कि आप भविष्य में राजनीति में आएंगी, प्रियंका ने कहा, मैं इसके लिये भविष्य में सोचूंगी कि क्या करना है। प्रियंका ने माना कि अमेठी के लोगों में कुछ वजहों से नाराजगी है। उन्होंने कहा, यहां के लोग किसी दल के नहीं हैं, सबका मुझसे दिल का रिश्ता है, लेकिन वे किसी न किसी कारणवश नाराज हैं। इस कारण वे अक्सर विरोध करते हैं लेकिन मैं उन्हें साथ लाने की कोशिश करूंगी।
यह पूछे जाने पर कि अमेठी में इतने दिनों से प्रचार की कमान संभालने के दौरान कैसा माहौल लगा, प्रियंका ने कहा कि हमें थोड़ी दिक्कतें हुईं, तो वे अपने ही संगठन से हुईं। सांगठनिक चुनावों के बाद हमारा संगठन नया था, उन्हें अनुभव नहीं था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें अमेठी और रायबरेली के संगठन की जिम्मेदारी सौंप दी है और वह चुनाव के बाद भी अब हर महीने या दूसरे महीने इन दोनों जगहों पर आती रहेंगी और संगठन को मजबूत करने का काम करेंगी।
हाल में खुद को मिली एसपीजी सुरक्षा को अपने काफिले से अलग किये जाने पर प्रियंका ने कहा, हमने इस चुनाव में यह महसूस किया कि एसपीजी के लोग जनता के साथ अच्छ व्यवहार नहीं करते हैं, जिससे उन्हें दिक्कतें होती हैं। इसी वजह से हमने पिछले दिनों एसपीजी को अपने काफिले से अलग कर दिया था।
वाराणसी से नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय की वाराणसी जाने की अपील के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा, मैंने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया था लेकिन मैं प्रचार के लिये वाराणसी नहीं जा रही हूं। प्रियंका कहा कि उन्हें किताबें पढ़ने और खाना बनाने का शौक है। भले ही प्रियंका अब लाख सफाई दें, पर उनके जुबान से कड़वी सच्चाई बाहर आ गई है, जिसे वे अंदर ही अंदर समझ रही थीं।












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