लखीमपुर हिंसा: प्रियंका ने कहा- किसानों को कुचलने वालों के साथ खड़ी है UP सरकार, प्राप्त है मोदीजी का संरक्षण
लखनऊ, 08 नवंबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश की स्टेट्स रिपोर्ट को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्टेट्स रिपोर्ट को लेकर यूपी सरकार को फटकारते हुए कहा कि रिपोर्ट में यह कहने के अलावा कुछ भी नहीं है कि और गवाहों से पूछताछ की गई है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।

प्रियंका गांधी ट्वीट कर यूपी सरकार पर साधा निशाना
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, ''लखीमपुर नरसंहार मामले में स्पष्ट है कि उप्र सरकार किसानों को कुचलने वालों के साथ खड़ी है। किसानों को कुचलने के मुख्य आरोपी के पिता (गृह राज्य मंत्री) को @narendramodi जी का सरंक्षण प्राप्त है। माननीय उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी से साफ है कि न्याय के लिए स्वतंत्र जांच होनी जरुरी है।''
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर दायर एक स्टेटस रिपोर्ट पर निराशा नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच की प्रगति को लेकर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि यह हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट में यह कहने के अलावा कुछ भी नहीं है कि और गवाहों से पूछताछ की गई है।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी केस की जांच की निगरानी को लेकर बड़ा संकेत दिया है। कोर्ट ने कहा कि वह इस पर विचार कर रहा है कि इस मामले की छानबीन अलग हाई कोर्ट के रिटायर जज मॉनिटर करें। चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमारा विचार है कि यही समाधान होगा कि हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस केस की छानबीन को रोजाना बेसिस पर मॉनिटर करें। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह और रिटायर्ड जस्टिस राकेश कुमार जैन का भी नाम लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि सिर्फ एक आरोपी (आशीष मिश्रा) का मोबाइल क्यों सीज किया गया? बाकी का क्यों नहीं। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।












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