अब शादी-बारात में बिना इजाजत नहीं कर सकेंगे आतिशबाजी
लखनऊ। केरल के कोल्लम में जिस तरह से मंदिर में आतिशबाजी के सामान 110 लोगों की जान ले ली, उससे सबक लेते हुए लखनऊ में शादी-बारात और पार्टियों में आतिशबाजी के लिए प्रशासन की मंजूरी लेना अब आवश्यक कर दिया गया है।
लखनऊ में अब बिना प्रशासन की इजाजत के 21 अप्रैल से शादी-बारात, बर्थडे सहित किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम में आतिशबाजी करने कि लिए प्रशासन की इजाजत लिया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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लखनऊ के डीएम राजशेखर ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत बिना इजाजत सार्वजनिक जगह पर आतिशबाजी के लिए प्रसासन की इजाजत लेना अनिवार्य कर दिया है। डीएम ने निर्देश जारी किये हैं कि किसी भी तरह के निजी या सामाजिक कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी के लिए क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट की इजाजत लेना अनिवार्य है। ऐसे में अगर बिना इजाजत आतिशबाजी की जाती है तो उसे अपराध माना जाएगा और इसका उल्लंघन करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
आतिशबाजी के लिए इजाजत लेने के लिए आपको स्थलीय निरीक्षण कर मुख्य अग्नि शमन अधिकारी या संबंधित पुलिस थाने के एसओ से एनओसी लेनी होगी। ऐसे में अगर प्रस्तावित जगह को सुरक्षित माना जाता है तो संबंधिक मजिस्ट्रेट आतिशबाजी की इजाजत देंगे।

खरीद-फरोख्त पर रहेगी नजर
आतिशबाजी के दौरान सभी आतिशबाजी की सामग्री पर नजर रखी जाएगी औऱ इसकी खरीद का भी हिसाब रखा जाएगा।

बताना होगा कहां से खरीदा सामान
आयोजक को यह बताना होगा कि आतिशबाजी का सामान कहां से खरीदा गया है।

क्रेता की पूरी जानकारी होनी अनिवार्य
आतिशबाजी का सामान बेचने वाले को किसी भी संस्था को बेचे गये सामान की जानकारी के साथ क्रेत का नाम, पता, मोबाइल नंबर व फोटो होना अनिवार्य है।

दुकानदारों का होगा सत्यापन
हर महीने होगा थोक-फुटकर दुकानदारों का सत्यापन।

हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
न्यायिक मजिस्ट्रेट को हर माह स्थलीय सर्वे कर सत्यापन रिपोर्ट शस्त्र अनुभाग को देना होगा।












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