लखनऊ के स्कूल में अब 'A' से अर्जुन और B फॉर बलराम पढ़ाया जाएगा, ऐतिहासिक ज्ञान की तरफ अनोखी पहल
बचपन में हम में से अधिकांश लोगों को इतिहास एक बड़ा ही नीरस विषय लगता था। परीक्षाओं के भय से हम राजाओं और साम्राज्यों की लम्बी-लम्बी सूचियाँ रट तो लेते थे, लेकिन परीक्षा के अगले ही दिन उसे भूल भी जाते थे। इसके बावजूद हमें ऐतिहासिक स्थलों पर घूमना और बड़े-बड़े महलों को देखना अत्यंत पसंद होता है। फिर भी हमारे समाज में, इतिहास, संस्कृति और कला के अध्ययन के प्रति एक निराशावादी सोच है। पर आज हम आपको एक ऐसे स्कूल के बारे में बताएंगे जहाँ कॉलेज प्रशासन ने बच्चों को पौराणिक और ऐतिहासिक ज्ञान देने के लिए एक बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है।

'A' से अर्जुन और B फॉर बलराम
अधिकांश बच्चों को इतिहास बड़ा ही नीरस लगता है और इस विषय को रुचिकर बनाना, शिक्षकों और अभिभावकों, दोनो के लिए एक बड़ी चुनौती है। लेकिन लखनऊ के अमीनाबाद इंटर कॉलेज प्रशासन ने बच्चों को पौराणिक और ऐतिहासिक ज्ञान देने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अमीनाबाद इंटर कॉलेज में बच्चे अब 'A' से 'एप्पल' नहीं बल्कि 'अर्जुन' पढ़ेंगे। इसके साथ ही उसमें अर्जुन एक योद्धा थे इसकी भी जानकारी दी गई है। वहीं B फॉर बलराम लिखा गया है। साथ ही बताया गया है कि बलराम कृष्ण के भाई है। ऐसे ही 'C' से 'कैट' नहीं, बच्चों को सी से चाणक्य का नाम बताया जाएगा। ये सारे नाम भारत के इतिहास और पुराण से जुड़े हुए हैं। कॉलेज प्रशाशन द्वारा उठाया यह कदम लोगो के मन को खूब भा रहा है और लोग इस सराहनीय कार्य की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

125 साल पुराना यह स्कूल
स्कूल नगर निगम द्वारा संचालित है और 1897 में स्थापित हुआ था। लगभग 125 साल पुराना यह स्कूल अमीनाबाद में स्थित है। इस स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि बच्चों को आजकल भारतीय संस्कृति के बारे में कम जानकारी है। उनके ज्ञान को बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। इससे छात्रों को भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह किताब PDF फॉरमेट भी उपलब्ध है और अंग्रेजी वर्णमाला की तरह ही हिंदी वर्णमाला के लिए भी ऐसे प्रारूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। हिंदी में अधिक अक्षर हैं, इसलिए इसकी प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा है।












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