मुजफ्फरनगर दंगे में अखिलेश सरकार को क्लीन चिट, बढ़ा हंगामा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हुए मुजफ्फरनगर दंगे की जांच रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी को क्लीन चिट मिल गयी है। जिसके बाद इस दंगे की रिपोर्ट को लेकर जमकर घमासान मच गया है। जस्टिस विष्णु सहाय कमीशन ने अपनी जांच रिपोर्ट में अपनी 700 पेज की रिपोर्ट पेश की है।
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जिसमें मुजफ्फरनगर के एसएसपी सुभाष चंद्र दूबे और एलआईयू इंस्पेक्टर प्रबल प्रताप सिंह को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट में आरोपी पुलिसवालों पर सक्त कार्यवाही की सिफारिश भी की गयी है। इसके साथ ही तत्कालीन एडीजी से भी दंगे पर सफाई मांगी गयी है। गौरतलब है कि इस दंगे में 68 लोगों की जान चली गयी थी।
आयोग की रिपोर्ट की खास बातों पर डालते हैं नजर
- मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत की रिपोर्टिंग नहीं हुई थी।
- नेताओं को बिना रिकॉर्डिंग के दंगे के लिए जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता।
- मीडिया ने दंगे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जिसके चलते हालात और खराब हुए।
- संगीत सोम और अन्य के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज हो चुका है, ऐसे में और कार्यवाही की जरूरत नहीं।
- स्थानीय इंटेलीजेंस की गलत जानकारी।
- पंचायत में शामिल होने वालों की गलत जानकारी दी गयी। इस महापंचायत में 20-25 हजार की बात कही थी जबकि यह संख्या 40-45 हजार थी।
- इतनी भीड़ के बाद भी इसे रोकने की कोशिश नहीं की गयी।
दंगे की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने इसपर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कैसे इस रिपोर्ट में भाजपा नेताओं को क्लीन चिट दे दी गयी और अखिलेश सरकार जोकि सत्ता में वह कैसे अपनी जिम्मेदारी से बच सकती है।












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