जिन किसानों की मौत हुई है, सरकार उनके परिवार को आर्थिक मदद और एक सदस्य को नौकरी दे: मायावती

लखनऊ, 19 नवंबर: बसपा प्रमुख मायावती ने सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि क़ानूनों को देर से रद्द करने की घोषणा की है। यह फ़ैसला बहुत पहले ले लिया जाना चाहिए था। यदि केंद्र सरकार यह फ़ैसला काफी पहले ले लेती तो देश अनेक प्रकार के झगड़ों से बच जाता। मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी (BSP) की केंद्र सरकार से मांग है कि किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मृत्यु हुई है, केंद्र सरकार उन्हें उचित आर्थिक मदद दे और उनके परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी ज़रूर दें।

 mayawati demanded financial compensation for kin of farmers who lost their lives during protest

मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी इस बात पर जोर दे रही है कि केंद्र और राज्य सरकारों को अनावश्यक विवादों से बचने के लिए कोई भी कृषि कानून बनाने से पहले किसानों से सलाह लेने की जरूरत है। विरोध के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को आर्थिक मदद देने के अलावा, बसपा अध्यक्ष ने उनके प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। उन्होंने कहा, "जब उन्होंने तीन कानूनों को वापस ले लिया है, तो उन्हें भी हमारी पार्टी की इस मांग को स्वीकार करना चाहिए।"

पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का किया ऐलान

बता दें, मोदी सरकार ने गुरुनानक जयंती के मौके पर एक बड़ा फैसला लेते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि तीनों कृषि कानून देश के छोटे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लाए गए थे और कृषि विशेषज्ञों से चर्चा के बाद ही इन कानूनों का प्रारूप बनाया गया था। पीएम मोदी ने कहा कि शायद हमारी ही तपस्या में कोई कमी रही होगी, जो हम देश के किसानों को इन कृषि कानूनों के सही लाभ नहीं बता पाए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+