Madri Kakoti: टिप्पणी से भड़के छात्र, नेहा राठौर के बाद अब लखनऊ यूनिवर्सिटी की शिक्षिका पर देशद्रोह का केस

Madri Kakoti controversy: लखनऊ विश्वविद्यालय की एक शिक्षिका डॉ. माद्री काकोटी का सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। पहलगाम आतंकी हमले पर टिप्पणी को लेकर हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।

विश्वविद्यालय परिसर में भी शिक्षिका के खिलाफ जबरदस्त विरोध देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। आम छात्रों के कई गुट भी इस आंदोलन में शामिल हो गए।

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मामले ने तूल पकड़ते ही कुलपति कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर शिक्षिका पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। कुलसचिव ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पांच दिन में जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

छात्रों ने किया प्रदर्शन, उठाई कार्रवाई की मांग

एलयू परिसर में पहले संस्कृत विभाग के शोधार्थी गुलशन पांडेय के नेतृत्व में छात्रों ने शिक्षिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि डॉ. काकोटी की टिप्पणी राष्ट्र विरोधी है और इससे देश की एकता को नुकसान पहुंचता है।

छात्रों ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और शिक्षिका पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया, लेकिन विरोध का सिलसिला यहीं नहीं रुका।

ताला बंद कर किया मुख्य गेट का घेराव

कुछ देर बाद शोधार्थी अमन दुबे के नेतृत्व में 50 से अधिक छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। करीब एक घंटे तक छात्रों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। आखिरकार छात्रों ने ज्ञापन सौंपने के बाद अपना विरोध खत्म किया।

डॉ. माद्री काकोटी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि धर्म पूछकर गोली मारना, लिंच करना, नौकरी से निकालना, घर न देना और बुलडोज करना भी आतंकवाद है। उन्होंने लिखा कि असली आतंकियों को पहचानो।

उनकी इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे देशविरोधी बताया, तो कुछ ने उनके समर्थन में भी आवाज उठाई।

पाकिस्तान से वायरल हुआ वीडियो

मामले को और गंभीर बना दिया जब शिक्षिका का एक वीडियो पाकिस्तान के पीटीआई प्रमोशन नामक हैंडल से साझा किया गया। वीडियो को कैप्शन के साथ प्रसारित किया गया कि "यह संदेश भारतीय मित्रों के लिए है।"

यह घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने और अधिक सख्ती दिखाते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव विद्यानंद त्रिपाठी ने डॉ. काकोटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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नोटिस में कहा गया कि शिक्षिका के बयान से विश्वविद्यालय और देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा नोटिस में यह भी लिखा गया है कि डॉ. काकोटी का यह कृत्य विश्वविद्यालय के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है, जो शिक्षकों के लिए निर्धारित आचरण नियमों के खिलाफ है।

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