अल्बेनिया की पुलिस ने ड्रग तस्कर समझ किया गिरफ्तार,निकला लखनऊ का कपड़ा व्यापारी

लखनऊ के कपड़ा व्यापारी नितिन मिश्रा को अल्बेनिया की राजधानी टिराना में 14 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल नितिन मिश्रा के खिलाफ अमेरिकी एजेंसी ने दो रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिसके बाद अल्बेनिया की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नितिन को गिरफ्तार कर लिया है। अब नितिन को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की तैयारी हो रही है। अमेरिकी एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नितिन ड्रग तस्करी में शामिल है। लेकिन अहम बात यह है कि जिस नितिन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वह दरअसल दूसरा व्यक्ति है।

nitin mishra

अल्बेनिया के अखबार से मिली जानकारी
यूके में मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले हरजोत सिंह ने बताया कि अल्बेनिया प्रशासन ने जब नितिन को गिरफ्तार किया तो उन्होंने 24 घंटे तक उनके परिवार वालों को इसकी जानकारी नहीं दी। नितिन के परिवार और भारतीय दूतावास को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। नितिन मिश्रा के परिजनों को इस बारे में तब पता चला जब अल्बेनिया के अंग्रेजी अखबार में यह खबर छपी। खबर में लिखा था कि रिनास नाम के व्यक्ति को टिराना से 20 किलोमीटर दूर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि पुलिस ने अमेरिकी ड्रग एजेंसी की ओर से जारी किए गए दो रेड कॉर्नर नोटिस पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है।

एक हफ्ते तक संपर्क में नहीं था नितिन
नितिन मिश्रा को 18 अक्टूबर को वापस लौटने वाले थे। वह तकरीबन एक हफ्ते तक अपने परिवार के संपर्क में नहीं थे। लखनऊ के राजाजीपुरम में रहने वाले नितिन ने अपने पिता को कुछ समय के लिए 21 अक्टूबर को फोन किया था। इस कॉल के दौरान नितिन ने अपने गिरफ्तार होने की जानकारी नहीं दी। नितिन के परिजनों ने कई बार उसे संपर्क करने की कोशिश की लेकिन वह उससे संपर्क नहीं कर सके। नितिन के पिता वासुदेव मिश्रा ने बताया कि मेरा बेटा ही परिवार को चलाता है। वह दुबई से टिराना 12 अक्टूबर को गया था। वह वहां पर अपने कपड़े के ब्रांड को प्रमोट करने के लिए गया था। महामारी के दौरान मेरा फास्ट फूड का बिजनेस बंद हो गया था। मेरी पत्नी को कैंसर है और अब यह सब हो गया।

पीएम और विदेश मंत्रालय से गुहार
नितिन के लापता होने के बाद उसके परिवार वालों ने एडवोकेट विवेक राय को संपर्क किया। नितिन के पिता ने बताया कि हम यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्मून राइट्स को इसको लेकर लिखेंगे। भारतीय नागरिक को विदेश में ड्रग तस्करी के आरोप में बिना दूतावास को बताए गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। हम इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में भी याचिका दायर करेंगे, विदेश मंत्रालय को भी इस बाबत सूचित करेंगे कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें।

गलत पहचान का मामला
वहीं यूके के वकील ने कहा कि उनकी टीम पहले ही इस मामले में अल्बेनिया प्रशासन से शिकायत दर्ज करा रही है। नितिन को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। शुरुआती तौर पर ऐसा लगता है कि पुलिस ने गलत पहचान के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उनसे व्यक्ति को पहचानने में गलती हुी है। या फिर ऐसा हो सकता है कि किसी ने नितिन के पहचान का गलत इस्तेमाल करके ये किया है। संभव है कि उसकी जानकारी को चोरी किया गया हो और उसे फंसाया गया हो।

कभी किसी झड़गे में नहीं शामिल
नितिन के पिता कहना है कि मेरा बेटा तो स्कूल के किसी झगड़े में भी नहीं शामिल था, आखिर उसे विदेश में गिरफ्तार कर लिया गया। कक्षा 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद नितिन दिल्ली में पढ़ाई के लिए चला गया था, उसने वहां पर वेब डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग की पढ़ाई की। 2011 में उसे एक कॉल सेंटर में नौकरी मिल गई। इसके बाद 2018 में वह वापस लखनऊ आ गया। मेरी पत्नी छवि को जब कैंसर हुआ तो वह वापस लौट आया था।

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