किरायेदार से अवैध संबंध के चक्कर में 'चाची 420' बनी 'चाची 302'

लखनऊ (अंकुर सिंह)। उत्तर प्रदेश की राजधानी में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पांच साल के अगवा बच्चे का शव रायबरेली रोड पर मिला। बच्चे का सिर सड़क किनारे और कुत्तों द्वारा चबाया गया बाकी का धड़ झाड़ी में। इस नृशंस हत्या के पीछे कोई और नहीं बल्क‍ि उस बच्च्चे की चाची थी। चाची की हिस्ट्री खुली तो पता चला कि यह वो औरत है, जो कभी 'चाची 420' थी और आज 'चाची 302' बन गई है।

जिस बच्चे की हत्या हुई उसका नाम उमेश था और उसकी हत्या की साजिश रची थी उसकी चाची निधि ने और हत्या को अंजाम दिया घर में ही किराये पर रह रहे कुलदीप और जसवंत ने।

लखनऊ के मड़ियांव इलाके में उमेश नाम के बच्चे का मंगलवार को अपहऱण किया गया था। इस अपहरण के पीछ बच्चे की चाची शामिल थी। चाची के अवैध संबंध उसके पड़ोस में ही रहने वाले कुलदीप नाम के व्यक्ति से थे। यह चाची 420 इसलिये क्योंकि इसने एक नेत्रहीन से सिर्फ इसलिये शादी की ताकि उसके कुकर्मों को पति देख न सके।

घर में नेत्रहीन पति और उसी घर में किरायेदार कुलदीप से अवैध संबंध। लेकिन यह सब कब तक छिपता। कुछ ही दिन बाद जब उमेश की मां को यह पता चल गया, तो उसने उमेश की चाची को रोकने के प्रयास किये।

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चाची नहीं मानी। घर में आये दिन झगड़े और कलह के बीच घर की प्रॉपर्टी बिकी और घर में पैसा आया। पैसा नहीं कई लाख रुपए, जिस पर चाची की नीयत खराब हो गई। चलते चाची के अंदर अपनी जेठानी के प्रति खुन्नस व जलन पहले से ही थी। देखते ही देखते यह खुन्नस हत्या की साजिश में बदल गई। अपनी जेठानी से बदला लेने और पैसे ऐंठने के लिये चाची ने अपने प्रेमी कुलदीप के साथ एक साजिश रची।

चाची देती थी पल-पल की खबर

चाची और उसके प्रेमी के बीच पहले से ही इस बात की सहमति बनी थी कि जब कभी भी उमेश घर से बाहर जाये वह उसे फोन पर बता दे। और फिर वह उसे अगवा कर लेगा। चार दिन पहले जब उमेश घर से बाहर कुछ देर के लिए खेलने निकला, तो उसके हाथ में 10 रुपए का नोट और टॉफी का लालच देकर कुलदीप और जसवंत उसे अगवा कर ले गये और उसे अपने दूसरे सहयोगी छोटू और रमाकांत को सौंप दिया।

उमेश को अगवा करने के बाद उसके घर वालों को फोन करके 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गयी। कुलदीप और जसवंत को इस बात की जानकारी चाची ने ही दी थी, कि घरवाले किसी जमीन को खरीदने जा रहे हैं लिहाजा घर में पैसे आये हैं।

घर के भीतर ही जब विभीषण हो तो भला मासूम की जान को कौन बचा सकता है। पूरी तरह से पूर्व नियोजित इस अपहरण कांड में तब मोड़ आ गया जब छोटू और रमाकांत ने मासूम उमेश का गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। और अंतत: इस मौत की साजिश रचने वाली चाची फंस गई। पुलिस ने चाची को गिरफ्तार कर हत्या की धारा 302 लगायी है और इसी के साथ ही ये औरत "चाची 302" बन गई।

पुलिस ने अन्य तीन आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही इस मामले को पूरी तरह से सुलझा लेने का दावा किया है। लेकिन उमेश के दादा-दादी और मां का आरोप है कि बच्चे को पैसों की खातिर पुलिस ने मरवा दिया है।

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