यूपी पंचायत चुनाव में जनता ने भाजपा को नकार दिया, Akhilesh Yadav ने कहा
यूपी पंचायत चुनाव में जनता ने भाजपा को नकार दिया, Akhilesh Yadav ने कहा
लखनऊ, मई 05: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी नतीजे लगभग घोषित हो चुके हैं। तो वहीं, समाजवादी पार्टी ने सत्तारूढ़ बीजेपी को पछाड़ते हुए कहा कि पंचायत चुनावों के नतीजों ने भाजपा की नाव डूबने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि इस चुनाव में जनता ने भाजपा को नकार दिया है।

दरअसल, अखिलेश यादव मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए कहा, 'पंचायत चुनाव में सपा मतदाताओं की प्रथम वरीयता वाली पार्टी रही है और बड़ी तादात में सपा की जीत के साफ संकेत हैं कि किसानों, नौजवानों और गांव तक में उसकी स्वीकार्यता बरकरार है। उन्होंने कहा कि जनता ने पार्टी को जीत दिलाकर लोकतंत्र को बचाने का भी सराहनीय कार्य किया है।' अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा झूठे वादे करने के अपने स्वभाव के अनुसार पंचायत चुनावों में भी बाज नहीं आ रही है। यह हकीकत है कि गांवों मैं अपनी ही तीसरे इंजन वाली सरकार बनाने का उसका सपना बुरी तरह चकनाचूर हुआ है।
कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के गृहजनपदों में भी भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज के अलावा आजमगढ़ से लेकर इटावा तक भाजपा की कोई चाल काम नहीं आई और तो और राज्य की राजधानी, लखनऊ में जनता ने भाजपा को नकार दिया है। लखनऊ में भी समाजवादी पार्टी को भारी सफलता मिली है। राज्य जनता बधाई की पात्र है कि उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अपना भरोसा व्यक्त किया है। यादव ने कहा कि पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने सत्ता के दुरुपयोग और वोटों की हेराफेरी के भी भाजपा को हार मिली है। चार साल के भाजपा राज में जनता को धोखा ही मिला है।
समाजवादी सरकार ने विकास के जो काम बढ़ाए थे, भाजपा ने द्वेषवश उन्हें बाधित किया। गतवर्ष से कोरोना का संक्रमण जारी है। भाजपा सरकार ने न तो समुचित इलाज की व्यवस्था की ना ही पलायन के शिकार श्रमिकों के रोजी रोटी की व्यवस्था की। प्रदेश बेकारी, व्यापारबंदी और शैक्षिक-स्वस्थ्य संबंधी दुर्व्यवस्थाओं से ग्रस्त है। कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। पंचायत चुनावों के नतीजों ने भाजपा की नाव डूबने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों तक को पूरे राज्य में तैनात कर भाजपा ने जीत की साजिशें रची थी पर जनता ने उसकी धौंस में नहीं आई और भाजपा को करारा जवाब दिया है।
भाजपा की नफरत और समाज को बांटने वाली रणनीति पश्चिम बंगाल के चुनावों में बुरी तरह पिटी है। उत्तर प्रदेश के पंचायती चुनावों के नतीजों से जो संदेश मिल रहा है वह वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी दिशा सूचक साबित होगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा राज का सफाया निश्चित है। बस अब गिने चुने दिन ही शेष हैं, भाजपा की विदाई और समाजवादी सरकार बनने में।












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