'डिब्बे नहीं पूरी ट्रेन को बदलने की है जरूरत', Modi Cabinet Expansion पर अखिलेश यादव ने कहा
'डिब्बे नहीं पूरी ट्रेन को बदलने की है जरूरत', Modi Cabinet Expansion पर अखिलेश यादव ने कहा
लखनऊ, 08 जुलाई: केंद्रीय कैबिनेट का बुधवार शाम को विस्तार किया गया है। पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में 43 नए सदस्यों को शामिल किया है। जिसमें सात उत्तर प्रदेश के भी सांसदों को शामिल किया गया है। तो वहीं, अब मोदी कैबिनेट विस्तार पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तंज कसा है। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा, 'ज़रूरत केवल डिब्बे नहीं पूरी ट्रेन को बदलने की है।'
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भाजपा ने खो दी सरकार चलाने का नैतिक अधिकार: अखिलेश यादव
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को हुई मोदी कैबिनेट विस्तार पर तीखा तंज कसा है। अखिलेश यादव ने कहा, 'इतनी बड़ी संख्या में मंत्री या मंत्रालय बदलने से भाजपा सरकार ने खुद स्वीकार कर लिया है कि वो हर क्षेत्र में नाकाम रही है। जरूरत केवल डिब्बे नहीं पूरी ट्रेन को बदलने की है। भाजपा ने सरकार चलाने का नैतिक अधिकार खो दिया है। देश-प्रदेश में बदलाव की लहर है। #नहीं_चाहिए_भाजपा'
पंचायत चुनाव में भाजपा ने बनाया लोकतंत्र का मजाक: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि जिला पंचायत चुनावों में भाजपा ने लोकतंत्र का खुलकर मजाक बना दिया है। प्रदेश में भाजपा के मुकाबले समाजवादी पार्टी के ज्यादा जिला पंचायत सदस्य जीते थे। लेकिन भाजपा ने धन-बल, छल-बल और जिला प्रशासन के द्वारा जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों पर उत्पीड़न की कार्यवाही कर हारी बाजी तथाकथित जीत में बदल कर अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा लिए और लोकतंत्र की हत्या कर दी। अब भाजपा ब्लाक प्रमुखों के चुनाव में वहीं कहानी दोहराना चाहती है।
प्रभारी निरीक्षक मांग रहे क्षेत्र पंचायत सदस्यों और समर्थकों की सूची
ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव में प्रभारी निरीक्षक क्षेत्र पंचायत सदस्यों और समर्थकों की सूची मांग रहे हैं। यह लोकतंत्र का गला घोंटने की दूसरी कवायद है क्योंकि भाजपा जानती है कि अपने बूते कोई चुनाव जीतना उसके बस में नहीं है। छल कपट, आतंक और झूठे मुकदमों में फंसाने की तरकीबें ही उसे आती है। भाजपा सरकार की धांधली की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से ही शुरू हो गई है। जब समाजवादी पार्टी प्रत्याशी को देवरिया में नामांकन पत्र लेने के लिए परिचय पत्र देने में आनाकानी की गई। धरने पर बैठे पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण को पुलिस ने जबरन उठाया। कन्नौज के छिबरामऊ में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के हाथ से नामांकन पत्र छीना गया। भाजपा कार्यालय में डीएम और एसएसपी जाकर बैठ गए। जनपद बलरामपुर में भी नामांकन पर्चा नहीं खरीदने दिया जा रहा है। बस्ती जिलाध्यक्ष को पुलिस प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया जाना निन्दनीय है।












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