यूपी में बेटियों की आबरू तो छोडि़ए, कब्र में लाशें भी महफूज नहीं, 900 रुपए में सौदा
लखनऊ। जब उत्तर प्रदेश में कब्र में लाशें सुरक्षित नहीं हैं तो फिर बहू-बेटियों की आबरू की बात छोडि़ए साहब। जी हां नफासत और नजाकत का शहर कहे जाने वाले राजधानी लखनऊ में एक ऐसी खबर ने दश्तक दी है जिसने प्रशासनिक अमले को हिला कर रख दिया है। श्मशान यानी कि जिंदगी का आखिरी पड़ाव। ऐसा पड़ाव जहां आने के बाद दुनिया की तमाम चीजे बेमांग हो जाती हैं। मगर जिंदगी के इसी आखिरी पड़ाव पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मूर्दों को बेचकर जिंदगी का जुगाड़ करते हैं।

लखनऊ के ठाकुरगंज के गुलाला घाट के ठेकदारों ने मासूम का शव कब्र से निकालकर बेच डाला। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सोमवार को देर शाम कब्र खोदा गया तो शव गायब था। पुलिस ने ठेकेदार सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस इस बात की भी आशंका व्यक्त कर रही है कि मासूम का शव तांत्रिक को बेचा गया हो। एसओ ठाकुरगंज समर बहादुर यादव ने बताया कि अलीगंज के त्रिवेणीनगर निवासी सुशील पांडेय ने गुलाला घाट के ठेकेदार सुंदरलाल, रामचंद्र व छोटू पर अपनी 12 दिन की पोती का शव कब्र से गायब करने का आरोप लगाते हुए रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पहले तो पुलिस ने मामले को हल्के में लिया मगर सच्चाई का पता लगाने के लिए जब सोमवार की देर शाम कब्र खोदी गई तो शव गायब मिला। मजिस्ट्रेट ने सुशील की शिकायत सही पाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। श्मशान में कब्र से शव गायब करने के मुकदमे की तफ्तीश कर रहे एसआई आरके राणा ने गुलाला घाट पर शवों को दफनाने व अंतिम संस्कार कराने वाले ठेकेदार व मजदूरों का ब्यौरा जुटाना शुरू किया है।
दस दिन की बच्ची का शव कब्र से गायब होने का मामला तूल पकड़ने पर पुलिस टीम ने गुलाला पर गोमती किनारे दफनाए गए बच्चों की नई कब्रों पर नजर डाली। तीन कब्रें खुदी नजर आई। लोगों ने श्मशान के ठेकेदारों पर मासूमों के शव कब्र से निकाल कर बेचने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं आरोप है कि रामचंद्र पांडे ने मासूम का शव 900 रुपये में बेच दिया है।












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