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सीएम योगी के ऑफिस की तरफ से किया गया ट्वीट, बाद में क्यों हुआ डिलीट?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्य का वीडियो 10 मार्च को शेयर किया गया था। वीडियो में दावा किया गया था कि दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्स को लेखपाल की नौकरी मिली है। हालांकि, ट्वीट करते ही ट्विटर पर हंगामा मच गया और विपक्ष ने योगी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। फिर क्या था सीएम की सोशल मीडिया टीम ने आनन-फानन में उस ट्वीट को डिलीट कर दिया। दरअसल, अखिलेश सरकार के समय के लेखपाल भर्ती का श्रेय लेने पर लोग ट्विटर पर योगी सरकार को ट्रोल करने लगे थे।

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    UP: नौकरी देने के दावे पर घिरे CM Yogi,विपक्ष ने BJP पर बोला हमला | वनइंडिया हिंदी
    क्या है पूरा मामला

    क्या है पूरा मामला

    चार साल में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दिए जाने का दावा करते हुए पिछले कुछ दिनों से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से कुछ वीडियोज शेयर किए जा रहे है। ऐसा ही एक वीडियो 10 मार्च को भी शेयर किया गया था। शेयर किए गए इस ट्वीट में लिखा था, 'सरकारी नौकरी हेतु आयोजित परीक्षाओं के समयबद्ध परिणामों एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को धन्यवाद ज्ञापित करते श्री दुर्गेश चौधरी जी। श्री दुर्गेश चौधरी जी की नियुक्ति राजस्व लेखपाल के पद पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है।' साथ में एक वीडियो लगा था। वीडियो में यूपी के महाराजगंज के दुर्गेश चौधरी बताते दिखे कि किस तरह उन्हें सरकारी नौकरी मिली।

    ट्वीट वायरल हुआ तो उठने लगे सवाल

    ट्वीट वायरल हुआ तो उठने लगे सवाल

    दुर्गेश चौधरी का वीडियो वायरल हुआ तो सीएम योगी आदित्यनाथ के ट्वीट पर सवाल उठने लगे। दरअसल, सवाल ये कि साल 2015 के बाद से जब लेखपाल पद के लिए वैकेंसी ही नहीं निकली तब दुर्गेश चौधरी को नौकरी कैसे मिली। आपको बता दें कि साल 2015 में लेखपाल भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस वक्त यूपी में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस बीच समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी ट्विटर पर दावा करना शुरू कर दिया कि दुर्गेश चौधरी की भर्ती समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में हुई थी।

    ट्रोल होने पर डिलीट करना पड़ा ट्वीट

    ट्रोल होने पर डिलीट करना पड़ा ट्वीट

    लोग सवाल करने लगे कि आखिरी बार लेखपालों की भर्ती अखिलेश यादव के शासन काल में (साल 2015) में हुई थी, तो दुर्गेश चौधरी का सलेक्शन कब और कैसे हुआ? ट्रोल होता देख सीएम की सोशल मीडिया टीम ने आनन-फानन में उस ट्वीट को डिलीट कर दिया। लेकिन अब विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर रहा है। आप नेता संजय सिंह के साथ कई बड़े नेताओं ने ट्वीट पर सवाल खड़ा करने के साथ मुख्यमंत्री योगी और बीजेपी का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। तो वहीं, यूपी कांग्रेस ने पूछा है कि आपके झूठ का व्यापार कैसा चल रहा है?

    संजय सिंह ने कहा- बीजेपी को अपना नाम 'भारतीय झूठ्ठा पार्टी' रख लेना चाहिये

    आम आदमी पार्टी के नेता व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए हमला बोला है। संजय सिंह ने कहा, 'भाजपा में ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने वालों का जमावड़ा है। अब आदित्यनाथ को ही देख लीजिये एक नौजवान का फर्जी वीडिओ डाल दिया नौकरी देने का धन्यवाद भी ले लिया चारों तरफ थू-थू हुई तो वीडिओ डिलीट करना पड़ा। क्या बीजेपी को अब अपना नाम बदलकर 'भारतीय झूठ्ठा पार्टी' रख लेना चाहिये?

    कांग्रेस ने पूछा कैसा चल रहा है आपके झूठ का व्यापार?

    इस बीच यूपी कांग्रेस ने भी डिलीट हुए ट्वीट के जरिए योगी सरकार पर तंज करते हुए लिखा कि 'हेल्लो @myyogiadityanath जी, आपके झूठ का व्यापार कैसा चल रहा है। वीडियो क्यों हटा दिया आपने'। इसके साथ ही सैकड़ों लोगों ने भी योगी आदित्यनाथ को मेंशन करते हुए ट्वीट को लेकर सरकार पर कई सवाल खड़े किए।

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