सीएम योगी ने विधानसभा में विपक्ष पर किए तीखे प्रहार, नेता प्रतिपक्ष पर कसा ये तंस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सत्ता का विरोध करते हुए कई बार विपक्ष के लोग ऐसे बयान देते हैं, जिससे प्रदेश की छवि खराब होती है। मैं विपक्ष के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या ये प्रदेश आपका नहीं है? क्या ये प्रदेश सिर्फ सत्ता पक्ष का है। मुख्यमंत्री ने कहा, कांग्रेस पार्टी क्या करना चाहती है? कभी अमेरिकी राजदूत के सामने भारत की निंदा करते हैं। भारत में कहते हैं हमे लश्कर-ए-तैयबा और अन्य संगठनों से खतरा नहीं है हमें तो भारत के संगठनों से खतरा है। हमें आश्चर्य होता है कि यह कैसी विभाजनकारी राजनीति है।

नेता प्रतिपक्ष पर कसा तंज
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के टोपी पहनने को लेकर भी तंस कसा। उन्होंने कहा कि यहां पर कोई लाल टोपी पहनता है, कोई हरी टोपी पहनता है। लोग कहीं विधायिका को नाटक कंपनी का पात्र न समझ लें इसका हमें ख्याल रखना चाहिए। सीएम ने सपा कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आप लाल टोपी की जगह पगड़ी पहनकर आते तो और भी अच्छा होता।
सीएम योगी ने कहा- कोरोना से लड़ाई में हर किसी ने योगदान दिया
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि मार्च में जब कोरोना का संकट शुरू हुआ तो हमारे पास एक दिन में सिर्फ 60 टेस्ट करने की क्षमता थी, लेकिन आज हर रोज दो लाख टेस्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोरोना प्रबंधन क्षमता का ही असर है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को हमारे प्रयासों की सराहना करनी पड़ी। यह उत्तर प्रदेश के 24 करोड़ लोगों का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में हर किसी ने योगदान दिया। कोरोना के दौरान प्रदेश सरकार की तरफ से गरीबों व मजदूरों को राहत पैकेज दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस समय करीब 2000 कोरोना के सक्रिय मामले हैं। अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या 500 है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का कोरोना रिकवरी रेट सबसे ज्यादा है।
दिल्ली सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड के दौरान लखनऊ की एक वृद्ध महिला उनके पास आईं और कहा, 'मेरे पास एक मकान है और जीवन भर की पूंजी है मैं इसे कोरोना के उपचार के लिए दान देना चाहती हूं।' उन्होंने इसके लिए अपनी पूरी पूंजी दना दे दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने यहां के रेट को कोट किया था कि 1800-4900 रुपए में पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर खरीदे गए। हमने दिल्ली के रेट मंगाए थे, जहां रेट 10-50 हजार रुपए थे। पूछा गया कि आप यूपी के बारे में घोटाला कहते हैं दिल्ली में क्या हुआ है। इसके बाद से कभी उनकी जुबान नहीं खुली।












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