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लखनऊ CAA हिंसा: 13 लोगों से वसूले जाएंगे 21 लाख रुपए, नहीं जमा किए तो कुर्क होगी संपत्ति

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी। इस दौरान कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने नुकसान की भरपाई के लिए 20 लोगों को रिकवरी नोटिस जारी किया था। जिस पर अब एडीएम टीजी विश्व भूषण मिश्र की कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए 13 लोगों से 21 लाख 76 हजार रुपए वसूलने का आदेश जारी किया है। यह धनराशि 16 मार्च 2020 तक जमा करनी होगी। वहीं, सात लोगों को सबूत के आभाव में बरी कर दिया है।

19 दिसंबर को हुआ था हिंसक प्रदर्शन

19 दिसंबर को हुआ था हिंसक प्रदर्शन

19 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लखनऊ के खदरा इलाके में प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन अचानक उग्र और हिंसक हो गया। उपद्रवियों ने एक पुलिस चौकी सहित कई लोगों की गाड़ियों में आग लगा दी। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद राजधानी में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।

'4.5 करोड़ की रिकवरी बाकी है'

'4.5 करोड़ की रिकवरी बाकी है'

लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि 19 दिसंबर को हुए उग्र प्रदर्शन को लेकर एडीएम टीजी की कोर्ट का यह पहला फैसला है। अभी 4.5 करोड़ की रिकवरी और बाकी है। आने वाले दिनों में कोर्ट इस तरह के और फैसले सुनाएगी।

...नहीं तो कुर्क होगी संपत्ति

...नहीं तो कुर्क होगी संपत्ति

डीएम ने कहा कि जिन 13 लोगों को रिकवरी का नोटिस जारी हुआ है, उन्हें 16 मार्च 2020 तक पैसा जमा करने होंगे। अगर वह तय समय में पैसे नहीं जमा करेंगे तो उनकी संपत्तियों को कुर्की किया जाएगा। यह रकम 13 लोगों में से कोई भी व्यक्ति अगर चाहे तो सारा पैसा एक व्यक्ति अकेले भी जमा कर सकता है।

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English summary
caa violence lucknow 21 lakhs rupees recovery notice to 13 protesters
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