जनसंख्या नियंत्रण बिल को लेकर मायावती ने खड़े किए सवाल, कहा- इसमें चुनावी स्वार्थ ज्यादा लग रहा है

लखनऊ, 13 जुलाई: बसपा सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए लाया जा रहे नए बिल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मायावती का कहना है कि इसमें गंभीरता कम और चुनावी स्वार्थ ज्यादा लग रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर यूपी भाजपा सरकार थोड़ी भी गंभीर होती तो यह काम सरकार को तब ही शुरू कर देना चाहिए था जब इनकी सरकार बनी थी। बता दें, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बीते दिनों यूपी के लिए नई जनसंख्या नीति का ऐलान कर दिया है। नई नीति के ऐलान के दौरान सीएम योगी ने कहा कि बढ़ती आबादी विकास में बाधक होती है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए और कोशिश जरूरी है।

bsp chief mayawati raises questions over yogi govt new population control policy

'सरकार की नीति व नीयत दोनों पर शक व सवाल हो रहे खड़े'

मायावती ने मंगलवार को इस मुद्दे पर तीन ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, ''यूपी भाजपा सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण हेतु लाया जा रहा नया बिल, इसके गुण-दोष से अधिक इस राष्ट्रीय चिन्ता के प्रति गंभीरता व इसकी टाइमिंग को लेकर सरकार की नीति व नीयत दोनों पर शक व सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि लोगों को इसमें गंभीरता कम व चुनावी स्वार्थ ज्यादा लग रहा है।''

'यह काम सरकार को तब ही शुरू कर देना चाहिये था'

बसपा सु्प्रीमो ने आगे लिखा, ''अगर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर यूपी भाजपा सरकार थोड़ी भी गंभीर होती तो यह काम सरकार को तब ही शुरू कर देना चाहिये था जब इनकी सरकार बनी थी और फिर इस बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करती तो अब यहाँ विधानसभा चुनाव के समय तक इसके नतीजे भी मिल सकते थे।'' उन्होंने कहा, ''यूपी व देश की जनसंख्या को जागरूक, शिक्षित व रोजगार-युक्त बनाकर उसे देश की शक्ति व सम्मान में बदलने में विफलता के कारण भाजपा अब कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही जोर-जबरदस्ती व अधिकतर परिवारों को दण्डित करके जनसंख्या पर नियंत्रण करना चाहती है जो जनता की नजर में घोर अनुचित।''

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