अगर शाह ने किया शंखनाद तो माया-मुलायम के लिए बजेगी खतरे की घंटी

लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी के प्रभारी रहे शाह को भाजपा की जीत का पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि अगर एक्जिट पोल के ही नतीजों को आधार मानें तो उत्तर प्रदेश में उनका काम अच्छा रहा है। शाह की इच्छा है कि वो यूपी में एक बड़ी जिम्मेदारी संभालें।
उन्होंने कहा कि पार्टी अगर उनको यूपी में बनाए रखना चाहती है तो अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए वह तैयार हैं। एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू में शाह ने कहा था कि यूपी में भाजपा कुछ कमजोर है, राज्य में उसको सत्ता में लाने के लिए संगठन स्तर पर बेहतर काम करने की जरूरत है। इसके बाद से शाह ने यूपी में विधानसभा चुनाव की लड़ाई के लिए जमीन तैयार करने की इच्छा जाहिर की है।
वहीं एक्जिट पोल की बात करें तो पूरे यूपी में मोदी लहर रही है। मोदी लहर में भाजपा को सर्वणों के साथ-साथ पिछडे वर्गो के भी वोट मिलने के संकेत मिले हैं। इसका श्रेय यूपी में अमित शाह को जाता है। जमीनी स्तर पर भाजपा को मजबूत कर शाह ने मोदी की लहर को और तेज कर दिया। अब अगर उन्होंने विधानसभा चुनाव में यूपी की कमान संभालने की बात कही है तो मुश्किलें सपा और बसपा के लिए बढ़नी तय है।
एक्जिट पोल्स के अनुसार भाजपा को यूपी में 46 से 56 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इसमें बसपा को 6 से 13 और सपा को 10 से 14 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इस आधार पर भाजपा सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के वोट बैंक में सेंध लगाते हुई दिख रही है। चूंकि यूपी में काई बड़ा भाजपा नेता नहीं है। लोकसभा चुनाव में यूपी फतह का श्रेय शाह को भी मिलेगा, ऎसे में वह यूपी विधानसभा में भी भगवा लहराकर अपने राजनीतिक कद को और बड़ा करना चाहेंगे।












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