अखिलेश सरकार यूपी 32.02 करोड़ लीटर देशी शराब पिलाना चाहती है
लखनऊ। शराब ने हजारों लोगों की जिंदगी और लाखों घरों को उजाड़ दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार इस बर्बादी के बावजूद शराब से अधिक से अधिक कमाई करने की फिराक में है। अखिलेश सरकार ने सरकार ने सर्वाधिक राजस्व इकट्ठा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके जरिए कुल 19250 करोड़ रुपए इकट्ठा करने का सरकार का लक्ष्य है।
सस्ती शराब पर अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र

वर्ष 2015-16 में सरकार ने कुल 14 हजार करोड़ रुपए का राजस्व इकट्ठा किया था। यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब एक तरफ बिहार में शराब पर पूर्ण रूप से पाबंदी की घोषणा हुई है उस समय अखिलेश सरकार अधिक शराब बिक्री पर ध्यान दे रही है।
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अखिलेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 32.02 करोड़ लीटर देशी शराब पिलाने का लक्ष्य रखा है। जबकि पिछले वर्ष सरकार नने 30.73 करोड़ लीटर शराब पिलायी थी। पिछले वित्तीय वर्ष में 7.50 करोड़ लीटर विदेशी शराब की खपत हुई थी जबकि 26.75 करोड़ बोतल बीयर की खपत हुई थी।
उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की ओर से सरकार को कुल 19.25 फीसदी राजस्व आता है। ऐसें में अखिलेश सरकार के सामने यह एक बड़ी चुनौती है कि क्या वह बिहार की तर्ज पर इतने बड़े राजस्व का नुकसान उठा सकते हैं।












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