जहरीली शराब ने छीनी 37 जिंदगियां

घटनास्थल मुबारकपुर के थानाध्यक्ष विश्वनाथ यादव सहित उप-निरीक्षक राजदेव यादव, कांस्टेबल प्रदीप कुमार यादव, रमेश चंद्र उपाध्याय, परमानंद यादव और बांके लाल को निलंबित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानीय दुकानों में परिशोधित शराब को पानी के साथ मिला कर बिना जांच किए सस्ते दाम पर बेचा जा रहा है। शराब में 42 फीसदी अवैध होते हैं, जबकि परिशोधित शराब की तीव्रता 90-95 फीसदी होती है। एक अधिकारी ने कहा, "यह घातक है।"
आजमगढ़ में इससे पहले 2008 में भी इस तरह की घटना में 10 से अधिक लोगों और 2010 में वाराणसी के सोयपुर गांव में भी छह लोगों की मौत हो गई थी।












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