'धर्म परिवर्तन अध्यादेश' के समर्थन में आए 224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, CM योगी को लिखे पत्र में कही यह बात
Religious conversion ordinance 2020, लखनऊ। 104 से अधिक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने हाल ही में 'लव जिहाद अध्यादेश' (Love Jihad Ordinance) को लेकर एक पत्र प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को लिखा था। तो वहीं, अब पूर्व चीफ सेक्रेटरी योगेंद्र नारायण की अगुवाई में 224 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स एंटी लव जिहाद कानून के समर्थन में सामने आए हैं। सीएम को लिखे अपने पत्र में उन्होंने धर्म परिवर्तन कानून को समर्थन किया है। साथ ही, पूर्व नौकरशाहों की पिछली चिट्ठी को राजनीति से प्रेरित बताया गया है।

दरअसल, पिछले हफ्ते 104 से अधिक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा था। इस पत्र के जरिए इन अधिकारियों ने लव जिहाद पर नए कानून को लेकर चिंता जाहिर की थी। साथ ही पत्र में लव जिहाद कानून को रद्द करने की मांग भी की गई थी। तो वहीं, अब सोमवार (04 जनवरी) को सामने आई चिट्ठी में पिछली चिट्ठी का जवाब दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व जजों ने अपने पत्र में लिखा है कि यूपी के मुख्यमंत्री को संविधान दोबारा सीखने की सलाह देना गैरजिम्मेदाराना बयान है जो कि लोकतांत्रिक संस्थानों का अपमान करता है।
ऐसा पहली बार नहीं है जब इस ग्रुप ने संसद, चुनाव आयोग, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की छवि को धक्का पहुंचाने का काम न किया हो। उन्होंने कहा है कि यूपी का अध्यादेश सभी धर्मों के लोगों पर लागू होता है। यह सही प्रावधान है कि अगर धर्मांतरण के उद्देश्य से विवाह किया गया हो तो इसे पारिवारिक न्यायालय या किसी एक पक्ष की याचिका पर खारिज किया जा सकता है। यह अध्यादेश महिला के सम्मान की रक्षा करता है। केवल एक घटना के आधार पर टिप्पणी करना गलत है। ऐसे कई मामले हैं जहां पीड़ित महिला की अंतरधर्म विवाह में हत्या कर दी गई।












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