लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों से अखिलेश यादव ने की मुलाकात, बोलें-गांवों से भाजपा के झंडे उतर गए हैं
लखनऊ, 08 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीती रात लखीमपुर पहुंचकर लखीमपुर हिंसा में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। अखिलेश यादव ने कहा कि यहां पर इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है ताकि लोग रिकॉर्ड किए हुए वीडियो शेयर नहीं कर सके और लोगों तक सच ना पहुंच सके। वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी कोई पुलिस अधिकारी गृह राज्य मंत्री के खिलाफ जांच करेगा और उनके पास जाएगा तो पहले उसे उन्हें सैल्यूट करना होगा। क्या आप उम्मीद करते हैं कि जो सैल्यूट करेगा वो जांच कर पाएगा। जिन लोगों ने देखा है वो कह रहे हैं कि आशीष मिश्रा इस घटना में शामिल है।

मृतकों के परिजनों से मुलाकात करने के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गांवों से भाजपा के झंडे उतर गए हैं। इस घटना के बाद अब किसानों में एकता पैदा हो गई है। अखिलेश ने लखीमपुर की तस्वीरों को साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, उप्र के शासन-प्रशासन ने लखीमपुर के नामज़द आरोपी को समन भेजने की जो औपचारिक कार्रवाई की है उससे जनाक्रोश और बढ़ गया है। 'लखीमपुर हत्याकांड' के बाद जिस तरह पूरे देश, विशेषकर उप्र में किसानों के बीच भावात्मक एकता जन्मी है वो अभूतपूर्व है। गाँवों में भाजपा के झंडे उतर गये हैं।'
इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि किसानों पर गाड़ी चढ़ा देना ही क्या पीएम मोदी का जिंदा लोकतंत्र है। प्रधानमंत्री मोदी विदेश जाकर कहते हैं कि भारत में जिंदा लोकतंत्र है, लेकिन यहां पर किसानों को कुचला जा रहा है। क्या यही उनका जिंदा लोकतंत्र है। लखीमपुर में जो कुछ भी हुआ वह तानाशाही का जिंदा उदाहरण है। किसानों के साथ लखीमपुर में अन्याय हुआ है, यह सरकार अहंकार से भरी हुई है। बता दें कि इससे पहले प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी और गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा मांगा था।












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