Kushinagar: छात्रा को exam दिलाने पहुंची पुलिस की गाडी, सोशल मीडिया पर लोग बोले - "देश बदल रहा है"
युवती की गुहार सुनकर पुलिस ने तत्काल पीआरबी गाड़ी संख्या 2514 को सरोज के पास भेज दिया। जिसके बाद पुलिस ने सरोज को बुध्दा डिग्री कालेज बिलकुल ठीक समय पर पंहुचा दिया।

सोशल मीडिया पर आए दिन कई पुलिसवालों की वीडियोस वायरल होती रहती हैं। इन वीडियोस में कभी हमें पुलिस का अमानवीय चेहरा देखने को मिलता है तो कभी नशे में धुत्त लहराता सिपाही। लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से जो ताजा मामला सामने आया है उसे देखकर बस यही कहा जा सकता है कि देश वाकई बदल रहा है। पुलिस का ऐसा मानवीय चेहरा जिसकी हम कल्पना मात्र करते हैं उसको चरित्रार्थ कर दिखाया है कुशीनगर की पीआरबी पुलिस ने। सुनने में मामला हो सकता है मामूली लगे, लेकिन इसके पीछे की मानसिकता को हर कोई सलाम करता नजर आ रहा है।

युवती को परीक्षा दिलाने पहुंची पुलिस की गाडी
दरअसल, कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बावली चौक निवासी युवती सरोज भारती की बुद्धा डिग्री कालेज कुशीनगर में परीक्षा थी। परीक्षा वाले दिन सरोज अपने घर से परीक्षा केंद्र की तरफ निकली। बता दें कि घर से कॉलेज की दूरी काफी ज्यादा थी, इसलिए उन्होंने ऑटो रिक्शा या अन्य किसी साधन से परीक्षा केंद्र जाने का फैसला किया। काफी देर चौराहे पर खड़े होने के बाद भी जब उन्हें परीक्षा केंद्र जाने के लिए कोई साधन महि मिला तो वह घबरा गई। उन्हें लगा कि एग्जाम छूट जाएगा। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था तो उन्होंने अपना फ़ोन उठाया और पुलिस को फ़ोन कर दिया।
युवती क गुहार सुनकर पुलिस ने भी इसे गम्भीरता से लिया और तत्काल पीआरबी गाड़ी संख्या 2514 को सरोज के पास भेज दिया। जिसके बाद पुलिस ने सरोज को बुध्दा डिग्री कालेज बिलकुल ठीक समय पर पंहुचा दिया। पुलिस के इस कार्य को लेकर क्षेत्र में पुलिस की चारो तरफ सराहना हो रही है।

देश सच में बदल रहा है
जैसा की आपको पहले ही बताया था कि यह घटना आपको मामूली लग सकती है। पर सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर ख़ासा चर्चा चल रही है और लोगों द्वारा तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी दी जा रही हैं। जिनमे से एक प्रतिक्रिया मै आप लोगों के सामने रखना चाहता हूँ।
सोशल मीडिया के एक यूजर जो की खुद को मनोवैज्ञानिक बताते हैं, उनका कहना है कि इस घटना से एक बात सिद्ध हो जाती है कि पुलिस और वर्दी के ऊपर आज की पीढ़ी भरोसा करती है। जहाँ पुलिस को देखकर अच्छे भले इंसान की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाती है वहीं एक छात्रा का छोटी सी परेशानी में सबको छोड़कर पुलिस को याद करना और उनपर भरोसा जताना एक सकारात्मक सन्देश है। इससे यह भी साफ़ हो जाता है कि देश सच में बदल रहा है।












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