Urea Viral Video : 6 घंटे लाइन में लगकर यूरिया लाया तो किसान ने खेत में कट्टे की उतारी आरती

राजस्‍थान में इन दिनों रबी की फसलों के लिए किसानों को यूरिया व DAP की दरकार है, मगर पूरे सूबे में यूरिया की किल्‍लत है। वितरण सेंटरों पर किसानों को यूरिया के लिए लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। कई-कई घंटों के इंतजार के बाद किसानों को यूरिया मिल पा रही है। राजस्‍थान में यूरिया की किल्‍लत से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान अपने खेत में यूरिया के कट्टे की आरती उतारता नजर आ रहा है। वह यूरिया को देव का दर्जा दे रहा और खुद की मशक्‍कत को तपस्‍या बता रहा है।

'म्‍हारा यूरिया देव जो नाराज हो गए'

'म्‍हारा यूरिया देव जो नाराज हो गए'

30 सेकंड के वायरल वीडियो में यूरिया से भरा एक कट्टा किसी खेत में रखा हुआ है। किसान उसके सामने अगरबत्ती लगाता है। साथ ही दो किसानों के बीच यूरिया को लेकर मजाकिया अंदाज में बात होती है। एक किसान कहता है कि 'ले पावणा अगरबत्‍ती जो' दूसरा किसान कहता है कि 'ये म्‍हारा यूरिया देव जो नाराज हो गए। छह घंटे तक एक पैर पर खड़े रहकर तपस्‍या करने के बाद ये खेत में प्रकट हुए हैं'

यूरिया का वायरल वीडियो कोटा का!

खेत में यूरिया के कट्टे की आरती उतारने के बाद किसान उसके सामने माथा टेककर धोक भी लगाता है। उसके हाथ जोड़कर नाराज नहीं होने का निवेदन भी करता है। यह वीडियो कब और कहां का है ? इसका पता नहीं लग पाया है। संभवतया यह वायरल वीडियो राजस्‍थान के कोटा इलाके का हो सकता है। कोटा के कई पत्रकारों ने वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी किया है।

यूरिया की कमी के लिए भारत सरकार जिम्‍मेदार-सीएम गहलोत

यूरिया की कमी के लिए भारत सरकार जिम्‍मेदार-सीएम गहलोत

राजस्‍थान में यूरिया की किल्‍लत के लिए सीएम अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। सीएम गहलोत ने अपने ट्वीट में कहा कि नवंबर 2022 में राजस्‍थान में 4.50 लाख मैट्रिक टन यूरिया की स्वीकृत मांग के विरुद्ध राजस्थान को केन्द्र सरकार द्वारा अभी केवल 2.31 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की गई है। 1.20 लाख मैट्रिक टन डीएपी की स्वीकृत मांग के विरुद्ध 61 हजार मैट्रिक टन डीएपी आपूर्ति ही भारत सरकार से हुई है।

यूरिया एवं डीएपी की सप्‍लाई बढ़ाने की मांग

यूरिया एवं डीएपी की सप्‍लाई बढ़ाने की मांग

राजस्‍थान मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत अपने दूसरे ट्वीट में कहते हैं कि भारत सरकार द्वारा आपूर्ति में कमी के कारण राजस्‍थान में यूरिया एवं डीएपी की कमी हुई है। आशा करता हूं कि जल्दी ही भारत सरकार आवश्यकता के अनुरूप राजस्‍थान प्रदेश की यूरिया व डीएपी की सप्लाई बढ़ाएगी, जिससे राजस्‍थान के किसानों को परेशानी ना हो एवं उन्हें मांग के अनुसार यूरिया मिल सके।

अक्‍टूबर में भी थी यूरिया की किल्‍लत

यह नहीं है कि राजस्‍थान में यूरिया एवं डीएपी की कमी केवल नवंबर माह से ही हुई है। अक्‍टूबर में हाल खराब थे। सीएम अशोक गहलोत के अनुसार राजस्थान में मानसून 2022 में अच्छी बारिश हुई है, जिससे रबी फसलों की बुआई अधिक एवं अग्रिम हुई है। राजस्थान को अक्टूबर माह में यूरिया की 4.50 लाख मैट्रिक टन स्वीकृत मांग के विरुद्ध 2.90 लाख मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति ही केन्द्र सरकार ने की है। इसी प्रकार अक्टूबर में 2 लाख मैट्रिक टन डीएपी की स्वीकृत मांग के विरुद्ध 1.65 लाख मैट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति केन्द्र सरकार द्वारा की गई।

किसानों से सीएम की अपील

राज्य में इस वर्ष अच्छी वर्षा होने से समय से पूर्व बुवाई होने के कारण यूरिया की मांग में वृद्धि हुई है। ऐसे में कृषकों से अनुरोध है कि यूरिया का आवश्यकतानुसार प्रयोग करें साथ ही आवश्यकता के अनुरूप ही यूरिया का क्रय करें, अनावश्यक रूप से अग्रिम भंडारण ना करें ताकि यूरिया की मांग व खपत का संतुलन कायम रहे। यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति हेतु राज्य सरकार केंद्र सरकार के सम्पर्क में है एवं निरंतर प्रयासरत है।

क्‍या है यूरिया, यूरिया के उपयोग क्‍या है?

यूरिया एक तरह का रासायनिक खाद है। सफेद रंग का रासायनिक नाइट्रोजन उर्वरक यूरिया का उपयोग खेत में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में होता है। कम अवधि की फसलों की पैदावार में यूरिया सहायक है। रबी की फसलों में गेहूं, जो व सरसों के लिए यूरिया का छिड़काव जरूरी है। राजस्‍थान में रबी की फसलों के बुवाई के बाद यूरिया की डिमांड बढ़ जाती है।

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