Rajendra Vijay: एसीबी की रेड में धनकुबेर निकला राजस्थान IAS राजेंद्र विजय, कहां से आया अथाह पैसा?
IAS Rajendra Vijay Raasthan ACB: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रेड में आईएएस अधिकारी राजेंद्र विजय धनकुबेर निकला है। उसके पास करोड़ों की सम्पत्ति मिली है। एसीबी के छापे के बाद आईएएस राजेंद्र विजय को कोटा संभागीय आयुक्त पद से हटा दिया गया है।
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने आईएएस राजेंद्र विजय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें एपीओ भी कर दिया है। इस अवधि में राजेंद्र विजय को मुख्यालय पर हाजिरी पर देनी होगी। दौसा में स्थित राजेंद्र विजय के पैतृक घर को फिलहाल सील कर दिया गया है।

एसीबी डीजी डॉ. प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि आईएएस राजेंद्र विजय के खिलाफ लंबे समय से आय से अधिक संपत्ति की शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार सुबह करीब 7 बजे से राजेंद्र विजय के 4 ठिकानों पर एसीबी ने सर्च शुरू की थी।
आईएएस राजेंद्र विजय की सम्पत्ति
13 रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी
2 लाख 22 हजार से अधिक कैश
335 ग्राम सोने
11 किलो 800 ग्राम चांदी की ज्वेलरी
तीन फोर व्हीलर
16 बैंक खातों में लाखों जमा
टोंक रोड पर आलीशान मकान
ZUDIO शोरूम नं-7 ग्राउंड फ्लोर
जीटी गलेरिया
बीमा पॉलिसी व बैंक लॉकर

परिजनों के नाम से बनाई सम्पत्ति
एसीबी डीजी डॉ. प्रकाश मेहरड़ा के अनुसार जयपुर, कोटा और दौसा स्थित 4 अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई के दौरान सामने आया कि राजेंद्र विजय ने भ्रष्टाचार के जरिए अपने और परिजनों के नाम से अथाह सम्पत्ति बनाई है, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत करोड़ों रुपए है। IAS के ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक करीब 8 घंटे तक चली।

आईएएस राजेंद्र विजय का जीवन परिचय
- प्रमोटी आईएएस राजेंद्र विजय मूलरूप से दौसा जिले के गांव दुब्बी का रहने वाला है।
- राजेंद्र विजय ने साल 1991 टोंक, दौसा व नागौर में एसीएम पद पर अंडर ट्रेनिंग रहते सेवाएं दीं।
- साल 1992 में उनियारा में विकास अधिकारी, 1993 में सुजानगढ़ में एसीईएम रहे।
- 25 सितंबर को कोटा संभागीय आयुक्त पद से पहले आरयूआईडीपी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे।












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