जेठानी से खुन्नस रखने वाली देवरानी ने डेढ़ साल के बच्चे को पानी की टंकी में डूबोकर मारा
कोटा, 11 मई। राजस्थान के कोटा के रामपुरा पुलिस थाना इलाके के लाडपुरा कस्बे के करबला क्षेत्र में 25 अप्रैल की शाम को डेढ़ साल के बच्चे अबीर का शव छत पर रखी 500 लीटर की पानी की टंकी में मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यह कोई हादसा नहीं था बल्कि षड़यंत्र रचकर बच्चे की जान ली गई थी। वारदात को बच्चे की चाची ने अंजाम दिया था।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अबीर की चाची सोबिया उसकी मां से खुन्नस रखती थी। यानी देवरानी जेठानी में आपस में बनती नहीं थी। ऐसे में आरोप है कि सोबिया ने कुछ रिश्तेदार युवकों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। साजिश रचने के बाद अबीर को छत पर रखी 500 लीटर की पानी की टंकी में डालकर ढक्कन बंद कर दिया। पुलिस शुरुआत में इसे ब्लाइंड मर्डर मानकर चल रही थी। परिजनों ने भी बिना पुलिस को इत्तला दिए शव दफना दिया था।
मीडिया की खबरों की मानें तो अबीर की मां अंजुम ने बताया कि घर में जब 6 महीने पहले चोरी हुई थी। तब सोबिया पर ही शक गया था। इस मामले में थाने में रिपोर्ट नहीं दी थी। लेकिन इस घटना के बाद से सोबिया उनसे खुन्नस रखने लगी थी। एक ही मकान में रहने के बावजूद दोनों के बीच तब से बातचीत बंद थी। लेकिन इस खुन्नस में वह मासूम बच्चे को मार देगी ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।
25 अप्रैल की शाम को डेढ़ साल के मासूम का शव छत पर रखी 500 लीटर की पानी की टंकी में मिला था। टंकी का ऊपर से ढक्कन लगा हुआ था। परिजन मासूम के शव को निकाल कर तुरंत अस्पताल लेकर गए। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उस दिन परिजनों ने पुलिस को कार्रवाई नहीं करने की बात कहते हुए, मासूम का शव दफना दिया था।
अबीर की मौत के दूसरे दिन उसके नाना और पिता को शक हुआ। मामले की जांच की मांग को लेकर मृतक अबीर के पिता इमरान व नाना सईद ने आईजी को ज्ञापन दिया था। जिसके बाद कोर्ट के आदेश से अबीर के शव को कब्रिस्तान से बाहर निकाला गया। पुलिस व परिजनों की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया।












Click it and Unblock the Notifications