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ममता के बंगाल का नया लक्ष्य- पर्यावरण अनुकूल पर्यटन

By Ians
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल ने पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत सिंगापुर के जुरोंग पक्षी पार्क की तर्ज पर कोलकाता में पक्षी अभयारण्य बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से राज्य की गिनती देश के पांच प्रमुख पर्यटन केंद्रों में होने लगेगी। राज्य सरकार ने उत्तरी दोआबा क्षेत्र, तटवर्ती हुगली जिले और सुंदरबन को विशाल पर्यावरण अनुकूल पर्यटन केंद्र बनाने का कार्य शुरू किया है।

Mamata Banerjee

सरकार ने 2014 के आखिरी दिनों में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन सलाहकार बोर्ड गठित करने की घोषणा की, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी।

पर्यटन मंत्री व्रत्या बसु ने कहा, "हमारी दो प्राथमिकताएं हैं-प्रकृति और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन और पर्यावरण अनुकूल कार्यशैली। हम विकास के लिए पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।"

सुंदरवन के झरखाली में, तराई के डुअर्स वन क्षेत्र में गजोल्दोबा में और हुगली जिले के सोबुज द्वीप में काम शुरू कर दिया गया है। ममता ने पर्यावरण अवसंरचना मजबूत करने के लिए हाल में सार्वजनिक-निजी मॉडल पर झरखाली में 400 करोड़ रुये की एक परियोजना शुरू की है।

इस क्षेत्र में ममता की यात्रा में करीब दो दर्जन उद्योपति भी उनके साथ थे, जिनमें हर्ष नियोटिया, संजय बुधिया, उत्सव पारेख, सुमित डबरिवाल और संजय अग्रवाल जैसे उद्योगपति मुख्य रूप से शामिल थे।

झरखाली सुंदरवन का एक मुख्य प्रवेश द्वार है। यहां एक पर्यावरण अनुकूल पर्यटन पार्क तथा पर्यटकों के लिए होटल होंगे। ममता ने सुंदरवन को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए 725 मीटर लंबी 'मृदंग सेतु' भी पेश की।

एक अन्य महत्वाकांक्षी परियोजना है झरखाली में दुनिया के सबसे पहले मैनग्रूव जू बनाने की। इस पर 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ममता के मुताबिक इसमें सुंदरवन के खतरे में पड़े प्राणी और पेड़-पौधों का संरक्षण किया जाएगा।

ममता ने यहां एक बाघ बचाव केंद्र 'ब्याघ्रोसुंदरी' का भी उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में जलपाईगुड़ी जिले में स्थित बक्सा बाघ संरक्षण उद्यान (बीटीआर) में कार सफारी को फिर से शुरू करने की पहल की, जिसे चार साल पहले बंद कर दिया गया था।

ममता बीटीआर के एक गांव जयंती को आदर्श ग्राम बनाना चाहती हैं, जहां पर्यटक स्थानीय लोगों के घरों में ठहर सकें।

इसी जिले में एक 100 एकड़ के पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन पार्क बनाने के लिए सरकार एक वैश्विक निविदा जारी करने जा रही है, जहां रिजॉर्ट्स, सस्ते होटल, शिल्पग्राम, सम्मेलन कक्ष तथा युवा होस्टल जैसी सुविधाएं होंगी।

अगले दो साल में इस परियोजना में 300 रुपये का निवेश हासिल किया जा सकता है। झरखाली की तर्ज पर गजोल्दोबा को दोआबा के प्रवेश द्वार के तौर पर पेश करने की योजना है।

पर्यटन विभाग दोआबा में मालबजार के निकट साइली में और फलकटा के निकट कुंजनगर में दो नए पर्यावरण अनुकूल पर्यटन केंद्रों का विकास करने की दिशा में भी काम कर रहा है, जिनके केंद्र में चाय पर्यटन होगा। पूरे साल पश्चिम बंगाल पर्यटन विकास निगम ने निवेश आकर्षित करने के लिए देश भर में कई रोडशो किए।

इसमें कोलकाता में बनने वाले इको पार्क को बढ़चढ़ कर पेश किया गया।

निवेश जुटाने के लिए की गई सिंगापुर यात्रा के दौरान बनर्जी ने खासतौर से जुरोंग पक्षी पार्क का भी दौरा किया था ताकि कोलकाता के इको पार्क में प्रस्तावित पांच एकड़ के पक्षी अभयारण्य की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सके।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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