कांग्रेस यूपी की तरह पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ सकती है लोकसभा चुनाव

कोलकाता: उत्तर प्रदेश के बाद कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ सकती है। राज्य के अधिकांश वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और अन्य ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी(एआईसीसी) प्रतिनिधियों को सलाह दी है कि तृणमूल शासित राज्य में कांग्रेस के पक्ष में माहौल है। क्योंकि उनका तर्क है कि ममता बनर्जी की पार्टी से कोई भी गठबंधन होगा तो ये राज्य कांग्रेस के लिए विनाशकारी हो सकता है।

congress contest alone in west bengal like uttar pradesh in lok sabha election 2019

राहुल गांधी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी राज्य कांग्रेस इकाई के विचारों को लेकर संवेदनशील है। एआईसीसी ने बंगाल में लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर धीमी गति से आगे बढ़ने का फैसला किया है। जबकि अन्य राज्यों में में चुनावी तैयारियों पर तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है और व्यावहारिक गठबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के नेताओं ने ने टीएमसी के साथ गठबंधन ना करने के तीन तर्क दिए हैं। पहला तर्क ये है कि ममता बनर्जी कांग्रेस के पारंपरिक आधार वाले मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तरी दिनापुर जिलों में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। इससे कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में उन्हें लेकर भारी नाराजगी है।

दूसरा तर्क जो कांग्रेस का स्थानीय नेतृत्व दे रहा है वो ये कि अगर टीएमसी-कांग्रेस का गठबंधन होता है तो भाजपा राज्य में विपक्ष की जगह हथिया सकता है। क्योंकि बंगाल में सीपीएम की अगुवाई वाला लेफ्ट फ्रंट उस स्थिति में नहीं है कि वो टीएमसी के खिलाफ बीजेपी को विपक्ष में आने से रोक सके।

कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का तीसरा तर्क ये है कि कांग्रेस का टीएमसी के प्रति नरम बर्ताव से पार्टी कार्यकर्ता हताश हो सकते हैं जो टीएमसी के विस्तार का सामना कर रहे हैं।

congress contest alone in west bengal like uttar pradesh in lok sabha election 2019

इसके साथ ही कई प्रदेश के सीनियर नेता लेफ्ट के साथ गठबंधन के लिए इच्छुक नहीं है. उनका मानना है कि वो अब अपने बूते टीएमसी को गंभीरता से चुनौती नहीं दे सकती है। उनका मानना है कि सीपीएम से गठबंधन की स्थिति में लोग भाजपा या टीएमसी को वोट देंगे। बंगाल में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीपीएम के साथ गठबंधन किया था,लेकिन दोनों को मुंह की खानी पड़ी।

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी को 34 सीटों पर सफलता मिली थी, जबकि कांग्रेस को 4 और भाजपा को 2 सीटें मिली थी। सीपीएम जिसने कभी बंगाल में 34 साल राज किया था उन्हें इस चुनाव में मात्र 2 सीटें मिली थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+