कोयला घोटाला केस: ईडी ने टीएमसी नेता मोलॉय घटक को किया तलब, 14 सितंबर को पेश होने को कहा
कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और टीएमसी नेता मोलॉय घटक को तलब किया।
कोलकाता, 2 सितंबर। कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और टीएमसी नेता मोलॉय घटक को तलब किया। ईडी ने घटक को 14 सितंबर दिल्ली स्थित ऑफिस में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। बता दें कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा से भी पूछताछ कर चुकी है।

अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी में ऐसी कंपनियों के फंड ट्रांस्फर करवाए जिन पर कोयला घोटाले में लिप्त होने के आरोप लगे हैं। इसके एवज में कंपनियों से कुछ बोगस एग्रीमेंट भी करवाए गए। इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई दोनों कर रही हैं। अभिषेक बनर्जी से ईडी इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी है। ईडी के अतिरिक्त सीबीआई ने अभिषेक बनर्जी के रिश्तेदारों से भी इस मामले में पूछताछ की थी।
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क्या है कोयला घोटाला: बताते चलें कि यह मामला पिछले साल चुनावी हलचल के बीच सामने आया था। 27 नवंबर 2021 को सीबीआई की कोलकाता एंटी करप्शन ब्रांच ने बंगाल के कुछ हिस्सों में अवैध खनन और उसकी ढुलाई से जुड़ा मामला दर्ज किया था। इन हिस्सों में खनन का जिम्मा कोल इंडिया लिमिडेट के स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ईसीएल को दिया गया था। ईसीएल ने अपनी जांच में पाया कि पट्टे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और उसकी ढुलाई हो रही है। इसके बाद यहां भारी मात्रा में कोयले की जब्ती की गई थी।
आसनसोल से लेकर पुरुलिया और बांकुड़ा तक और झारखंड में धनबाद से लेकर रामगढ़ तक कोल पट्टी में कई ऐसी खदानें हैं जहां खनन कार्य बंद था लेकिन खनन माफिया अवैध तरीके से काम कर रहे थे। नवंबर 2020 में CBI ने इसी सिलसिले में ECL के कई अधिकारियों समेत रेलवे और CISF के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में अनूप माझी उर्फ लाला मुख्य संदिग्ध है। ED ने पहले दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी इस अवैध व्यापार से आर्थिक लाभ लिया है, हालांकि बनर्जी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।












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