Calcutta HC जज का पालतू कुत्ता खोया, सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी के निलंबन की मांग, ड्यूटी में लापरवाही!
Calcutta HC के न्यायाधीश ने अपनी सिक्योरटी में तैनात पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। जज का कहना है कि पुलिस अधिकारी आवास का दरवाजा बंद करने में विफल रहा। इस कारण उनका पालतू कुत्ता खो गया।
चौंकाने वाली इस घटना में दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौरांग कंठ ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) को यह पत्र लिखकर पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली से कलकत्ता तबादला हुआ
न्यायमूर्ति गौरांग कंठ फिलहाल कलकत्ता उच्च न्यायालय में पदस्थापित हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में पोस्टिंग के समय 12 जून को लिखे पत्र में जस्टिस कंठ ने अपने कुत्ते को खोने का दर्द शेयर किया। जस्टिस कंठ ने तबादले के बाद 21 जून को कलकत्ता हाईकोर्ट में शपथ ली।
तीन बड़े अधिकारियों को लेट लिखा गया
जस्टिस कंठ ने लेटर में दिल्ली पुलिस के अधिकारी को निलंबित करने की अपील के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) महानिदेशक डॉ सुजॉय थाओसेन और सीआरपीएफ आईजी राजेश कुमार और ज्वाइंट कमिश्नर मंगेश कश्यप को एक साथ लेटर लिखा।
उन्होंने पत्र में लिखा, "मैं यह पत्र बहुत दर्द और पीड़ा के साथ लिख रहा हूं। मेरे सरकारी बंगले पर सुरक्षा अधिकारियों की निष्ठा की कमी और अक्षमता के कारण, मैंने अपना पालतू कुत्ता खो दिया है।"
बकौल जस्टिस कंठ, बार-बार दरवाज़ा बंद रखने के लिए कहने के बावजूद, मेरे आवास पर तैनात सुरक्षा अधिकारी मेरे निर्देशों का पालन करने और अपने पेशेवर कर्तव्य को निभाने में विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, कर्तव्य के प्रति ऐसी लापरवाही और अक्षमता पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इससे मेरे जीवन और स्वतंत्रता को गंभीर खतरा हो सकता है। उक्त सुरक्षाकर्मी कर्तव्यों का पालन करने में लापरवाह रहे। मेरे आवास पर अप्रिय घटना हो सकती है। मुझे अपनी सुरक्षा को लेकर डर है।
पालतू कुत्ता खोने से आहत जस्टिस कंठ ने पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग करते हुए कहा, मेरे आवास के प्रवेश द्वार पर निगरानी न रखना और प्रवेश तथा निकास पर नजर रखने में समर्पण की कमी असहनीय है।
उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा, "मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि उन अधिकारियों को तुरंत निलंबित करें जो एक सरकारी कर्मचारी के लिए अशोभनीय हैं।" जस्टिस कंठ ने कहा, इस संबंध में की गई कार्रवाई रिपोर्ट आज से 3 (तीन) कार्य दिवसों के भीतर प्रस्तुत करें।
नीचे पढ़िए जस्टिस कंठ का लेटर--
गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ उच्च न्यायालय के सभी मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर प्रोटोकॉल के इस तरह से उपयोग पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा, ऐसे प्रोटोकॉल सार्वजनिक आलोचना और जनता की असुविधा का कारण बनते हैं।
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